318 25-4-1954 दीपमाला के न बुझने वाले दीपक की तरह हमारा पक्ष छोटा होने के बावजूद अन्य पक्षों का मार्गदर्शन करेगा - पुलगाव - Page 355

336 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

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दीपमाला के न बुझनेवाले दीपक की तरह हमारा दल छोटा होने

के बावजूद अन्य दलों का मार्गदर्शन करेगा

पुलगाव की एक सार्वजनिक सभा में एक संकल्प किया गया था कि डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर भंडारा चुनाव के लिए आएंगे तब अस्पृश्य समाज के लोग अपनी एक-एक दिन की मजदूरी इकठ्ठा कर करीब पांच हजार रुपयों की थैली उन्हें अर्पण करेंगे।

मध्य भारत कीखास कर गांवों की जनता कई दिनों से जिन महान मानव श्रेष्ठ के दर्शनों की आस लगाए बैठी है उन महानायक परमपूज्य डॉ. बाबासाहेब का, बहुजनोंद्धारक का, अप्रतिम देश सेवक का शुभागमन रविवार दिनांक 25 अप्रैल, 1954 को वर्धा जिले के पुलगाव के नाचणगाव रोड पावर हाऊस के भव्य मैदान में होगा। इस अवसर पर परमपूज्य डॉ. बाबासाहेब को पांच हजार रुपयों की थैली अर्पण करने का निश्चय पुलगाव नगर शेड्यूल्ड कास्टस् फेडरेशन के नेतृत्व में स्थापन हुई। आगमन समिति की ओर से किया गया है। इसलिए इस सुनहरे मौके का फायदा लेते हुए इस मंगल कार्य के लिए हर अस्पृश्य बंधू-भगिनी अपनी ओर से या औरों की तरफ से मुक्त हस्त से, अपनी

खुशी से तन-मन-धन से मदद करें और रकम इकठ्ठा करने का अधिकार जिन्हें है उन कार्यकर्ताओं के पास ही उनका अधिकारपत्र देखने के बाद अपनी राशि उन्हें देकर रसीद लेने की कृपा करें। इस मंगल कार्य के लिए सब ओर से जनता हजारों की तादाद में उपस्थित रह कर डॉ. बाबासाहेब के अमृतसमान भाषण को सुनने का फायदा लें।’ इस प्रकार ह. दा. आवले, आर्गनाइजिंग और सुपरवाइजिंग सचिव, मध्य भारत शेड्यूल्ड कास्टस् फेडरेशन, नागपूर और आगमन स्वागत समिति, पुलगाव ने 3 अप्रैल, 1954 को जनता में प्रकाशित किया था।

उसके अनुसार रविवार दिनांक 25 अप्रैल, 1954 को पुलगाव (जिला वर्धा) में मध्य प्रदेश इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड के भव्य मैदान में डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर के सम्मानार्थ एक महासभा का आयोजन किया गया था। भंडारा विभाग के संसदीय उपचुनावों के लिए डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर इस क्षेत्र में चुनाव प्रचार के दौरे पर आए हुए हैं। अपने महान नेता के दर्शनों के लिए वरहाद के दूरदराज के इलाकों से लोगखास इस कार्यक्रम के लिए आए थे।

इस अवसर पर शेड्यूल्ड कास्टस् फेडरेशन के कार्यकर्ता और डॉ. बाबासाहेब के

जनताः12 दिसंबर, 1953, 1 और 15 मई, 1954