348 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
कुछ नहीं। जनता आपके ही पीछे आने वाली है। बाकी लोगों के घर टूटे तो भी अपनी कुटिया साबूत रखिए। लोग आपकी कुटिया में ही आश्रय पाने के लिए आएंगे। आपकी कुटिया अगर बनी रही तभी आपकी जय होगी। शेड्यूल्ड कास्टस् फेडरेशन का किला अस्पृश्य जनता की भावनाओं के बल परखड़ा है। उसे टूटने नहीं देना चाहिए। यह समाज ब्राह्मणेतर दलों के साथ सहयोग कर रहा था। हम ज्योतिबा के शिष्य हैं। उनसे हमने सहयोग किया। लेकिन आगे चल कर यह समाज काँग्रेस से जाकर मिला। उसके बाद उनकी मति भ्रष् हुई। अपने उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए हमें दूसरों से संबंध रखना होगा। किससे संबंध रखने हैं यह मैं बाद में बताने वाला हूं। जो लोग हमारा भला करेंगे वे हमारे मित्र होंगे। राजनीति में झगड़े होते हैं उन्हें भूल जाने की आदत डालनी चाहिए। वरना इन झगड़ों के पेड़ मन में उगते हैं। इस प्रकार की मानसिकता अच्छी नहीं। मेरा हृदय साफ है। मेरे भी लोगों से मतभेद होते हैं, लेकिन मैं जल्दी उन्हें भूल जाता हूं। मनुष्य का मन फूल की तरह साफ होना चाहिए। मारवाड़ी की मूंछ की तरह हमें अपनी नीति रखनी होगी। अपने उद्देश्य की पूर्ति के लिए कभी ऊपर तो कभी नीचे इस प्रकार मारवाड़ी की मूंछ की स्थिति होती है। उसी प्रकार हमें अपनी नीति बनानी होगी। इस बात को ध्यान में रखें। हमेशा टेढ़ी बात करना या किसी को बार-बार दुख पहुंचना, राजनीति में नहीं चल सकता। इतना कह कर मैं आपसे विदा लेता हूं।