342 14-15-10-1956 बौद्ध धर्म से ही दुनिया का उद्धार होगा - नागपूर - Page 447

428 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

वा. कृ. कबीर

सचिव, भारतीय बौद्ध महासभा

दिनांक 14 अक्तूबर के कार्यक्रम को कैसे सफल बनाएं

भारतीय बौद्ध महासभा की सभी शाखाओं के अधिकारियों, शाखा प्रमुख, तथा अन्य स्थानीय कार्यकर्ताओं को सार्वजनिक सूचना के तौर पर बताया जाता है कि, अपने पूजनीय नेता डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर नागपूर में रविवार दिनांक 14-10-56 के दिन बौद्ध-धम्म की दीक्षा ले रहे हैं। उनके बौद्ध-धम्म स्वीकारने के समय शुभेच्छा व्यक्त करने के लिए सभी शाखा अपनी ओर से अपने परिसर में सामूहिक बुद्धवंदना का कार्यक्रम करें। बुद्ध वंदना के कार्यक्रम अति-शांत वातावरण में ही संपन्न होने चाहिएं। वंदना में सभी महिलाएं और पुरुष हिस्सा लें। वंदना सुबह 9 बजे से 11 बजे के बीच की जाए। शाम 4 बजे सभी केंद्राधिकारी और शाखा प्रमुख तथा अन्य स्थानीय कार्यकर्ता सिद्धार्थ कॉलेज, आनंदवन में होनेवाली सभा में उपस्थित रहें।

आपके विनम्र

का. वि. सवादकर

मा. स. गायकवाड

वा. कृ. कबीर

सचिव, भा. बौ. महासभा

दिनांक 13-10-56 तक एकत्रित होने वाला चंदा दिनांक 15-10-56 को शाम 6 बजे (बुद्ध भूषण प्रेस) भा. बौ. महासभा की कचहरी में भरें। अन्य कार्यों के लिए उसे इस्तेमाल न करें।

दी गई सूचना के अनुसार भारत के विभिन्न जगहों से मिलने वाली दलित भाइयों की शुभेच्छाएं डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर के बौद्ध दीक्षा के दिन व्यक्त करने के लिए, समुदाय की बुद्ध वंदना के कार्यक्रम करें। इस कार्यक्रम में सभी लोग उपस्थित रहें। सुबह 9 बजे से पहले ही सब लोग नहा-धो कर, सफेद स्त्र पहन कर तैयार हो जाएं। सुबह 9 बजे से 11 बजे तक सामूहिक वंदना करें। शाम को अपने परिसर में सब इकठ्ठा होकर सभा करें। इस कार्यक्रम का महत्व और बौद्ध-धम्म की आवश्यकता इस विषय पर व्याख्यान आयोजन करें। ये सभाएं बेहद शांत, एकता और बंधुभाव से भरे वातावरण में करें। यह सूचना भा. बौ. महासभा के सचिव द्वारा जारी किए गए परिपत्र के अनुसार विभिन्न जिलों के बहुजन बहनों और बांधवों के लिए हैं। मुझे यकीन है कि इन सूचनाओं का बेहतर तरीके से पालन किया जाएगा।