342 14-15-10-1956 बौद्ध धर्म से ही दुनिया का उद्धार होगा - नागपूर - Page 465

446 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

इसके बाद डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर की भारी आवाज लाऊडस्पीकर से सुनाई दी -

बहनों, और भाइयों,

अनुग्रह आपने मराठी में भी जाना। अब मैं आप सब लोगों को बौद्ध धर्म की दीक्षा देने वाला हूं। जो लोग हिंदू धर्म का त्याग कर बौद्ध धर्म को स्वीकार करना चाहते हैं वे कृपा करखड़े हो जाएं और मेरे बाद मेरे कहे शब्दों का पुनरुच्चार करें -

पूरा समाज, यानी करीब पांच लाख लोगखड़े रहे। हम संवाददाता ही केवल अपवाद थे। डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर ने इन सभी लोगों को गंभीरतापूर्वक बौद्ध धर्म की दीक्षा दी।

उसके बाद डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर ने दीक्षा विधि के एक हिस्से के तहत 22 प्रतिज्ञाएं दीक्षार्थियों से कहलवा लीं। ख्13, वे इस प्रकार हैं -

बौद्ध जनों की प्रतिज्ञाएं-

  1. ब्रह्मा, विष्णु, महेश को मैं भगवान नहीं मानूंगा या उनकी उपासना नहीं करूंगा।

  2. मैं राम या कृष्ण को भगवान नहीं मानूंगा या उनकी उपासना नहीं करूंगा।

  3. गौरी, गणपति आदि हिंदू धर्म के किसी भी भगवान को मैं भगवान नहीं मानूंगा

या उनकी उपासना नहीं करूंगा।

  1. भगवान ने अवतार लिया इस पर मेरा विश्वास नहीं है।

  2. मैं मानता हूं कि बुद्ध विष्णू का अवतार है यह झूठा और भ्रामक प्रचार है।

  3. मैं श्राद्धपक्ष नहीं करूंगा और पिंडदान भी नहीं दूंगा।

  4. बौद्ध धर्म से मेल नखाने वाले किसी आचारधर्म का मैं पालन नहीं करूंगा।

  5. ब्राह्मणों के हाथों कोई क्रिया-कर्म नहीं करवाऊंगा।

  6. सभी मनुष्यमात्र समान हैं ऐसा मैं मानता हूं।

  7. समता स्थापित करने की मैं कोशिश करूंगा।

  8. भगवान बुद्ध के बताए अष्टांग मार्ग का मैं अनुसरण करूंगा।

  9. बुद्ध की बताई दस पारमिताओं का मैं पालन करूंगा।

  10. मैं सभी प्राणिमात्र पर दया करूंगा।

  11. मैं चोरी नहीं करूंगा।

  12. मैं झूठ नहीं बोलूंगा।

  13. मैं व्यभिचार नहीं करूंगा।

  14. नवयुग, 21 अक्तूबर, 1956