462 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
में फूट से काम करना संभव नहीं होगा। मेरे प्रभाव के कारण अब तक कुछ गलत नहीं हुआ है, लेकिन मैं आपके साथ कब तक रह पाऊंगा?
अब उम्मीदवार को चुनने का काम लोगों द्वारा ही किया जाना चाहिए। आपको लोगों के बीच रह कर काम करना होगा। उनकी मुश्किलों को अपनी सामर्थ्य के अनुसार निपटान करना होगा। उनके सुख-दुख के साथ एकरस होने की कोशिश आप लोगों को करनी होगी।
मैं भंडारा के चुनाव में हारा इसका मुझे कभी बुरा नहीं लगा। उस चुनाव में मुझे कई वोट मिले। केवल अपने लोगों ने ही नहीं वरन् अन्य लोगों ने भी मुझे वोट दिए हैं। यह बात मेरे लिए संतोषजनक है। मैं हारा या जीता इस बात पर ज्यादा सोचता नहीं। आप लोगों को भी इसी प्रकार सक्षम बनने की कोशिश करनी होगी, ताकि अन्य समाज के लोगों की भी आपको वोट देने की इच्छा हो। मुझे यकीन है कि इस बात पर सोच-विचार कर आप अपने राजनीतिक जीवन का कार्यक्रम तय करेंगे। इससे अधिक और मैं कुछ कहना नहीं चाहता।
कार्यक्रम के आखिर में आयु. हरिदास आवले ने डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर के प्रति हार्दिक आभार प्रकट किया। डॉ. बाबासाहेब के उपदेश के अनुसार अनुसरण करने का आश्वासन उन्होंने प्रकट किया और अल्पाहार कार्यक्रम सम्पन्न हुआ।