470 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
चाहिए’ के लिए सुयोग्य हो सकता है। लेकिन नेता को बुद्धिमान होना चाहिए। मजबूत होना चाहिए। देश का कार्य करने वाला होना चाहिए। तो, ऐसे तो कई मिल जाएंगे! लेकिन आपको तो वही चाहिए ना! बात विषय से हट कर हो रही है ऐसा अगर किसी को लगे तो वे मुझे माफ करें। आप हो सकता है मुझे वोट ना दें। लेकिन मुझे उसकी परवाह नहीं है।
मैं अच्छी तरह जानता हूं कि इस देश की जातिगत राजनीति में हमारी कोई जगह नहीं है। राजनीतिक जीवन व्यतीत नहीं कर सकते ऐसा हमारा हाल है। जीवन के पांच साल मैंने केंद्रीय मंत्रिमंडल में गुजारे और दस साल केंद्रीय विधि मंत्रिमंडल में सदस्य बन कर रहा हूं। अब मेरे देखने लायक कुछ भी बाकी नहीं बचा है। मेरी संतुष्टि हो चुकी है। राष्ट्र की हानि ना हो इसलिए मैं यह सब करता हूं। आज काँग्रेस सत्ताधारी है। आगे वह उसी प्रकार सत्ता में रही तो इस देश में आग लगे बगैर नहीं रहेगी। इस देश का जलना तय है। ख्2,
आखिर स्थायी समिति के अध्यक्ष आयु. चौधरी ने धन्यवाद किया। आभार व्यक्त करते हुए आयु. चौधरी ने कहा, ‘‘काँग्रेस की राजनीति में पर्दे के पीछे क्या-क्या और कैसी-कैसी बातें चलती हैं, काँग्रेस कैसे तानाशाही की ओर बढ़ रही है इसके बारे में हमें डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर के भाषण से यकीन हो चला है। इसका विरोध करने के लिए हम सबको जागरुक रहना होगा। डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर को देश कार्य करने के लिए दीर्घायु का लाभ हो ऐसी मैं कार्पोरेशन की ओर से प्रार्थना कर धन्यवाद अर्पित करने का यह कार्यक्रम संपन्न करता हूं। ख्3,
- मी. पाहिलेले बोधिसत्व डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकरः भिक्षु सुमेध, पृष्ठ 109-114
- प्रबुद्ध भारतः अम्बेडकर बौद्ध दीक्षा विशेषांकः 27 अक्तूबर, 1956