354 20-5-1956 भारतीय प्रजातंत्र का भविष्य क्या है - नई दिल्ली - Page 525

506 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

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भारतीय प्रजातंत्र का भविष्य क्या है?

मुझे विषय दिया गया है - भारतीय प्रजातंत्र का भविष्य क्या है? कई लोग अभिमानपूर्वक इस विषय पर बोलते हैं मानों प्रजातंत्र ही शुरू से भारत देश की व्यवस्था रही हो। विदेशी लोग भी बातचीत के दौरान सम्मान प्रदान करते हुए - भारत का महान प्रजातंत्र और भारत के महान प्रधानमंत्री कह देते हैं।

किसी तरह की जानकारी के मान लिया जाता है कि जहां गणराज्य होगा वहां प्रजातंत्र होगा ही। यह भी माना जाता है कि वयस्क मतदान पद्धति के सिद्धांतों के अनुसार संसद का गठन होकर कानून बनाने का काम विशिष्ट कालावधि तक लोगों द्वार चुने गए प्रतिनिधि करते हैं वहाँ प्रजातंत्र होगा ही। दूसरे शब्दों में कहें तो प्रजातंत्र को एक राजनीतिक साधन माना जाता है और जहां यह राजनीतिक साधन प्रचलन में हो वहां प्रजातंत्र का होना भी गृहित माना जाता है।

भारत में प्रजातंत्र है या नहीं है? सच क्या है? गणराज्य और जनतंत्र की तरह ही जनतंत्र और संसदीय शासन को समान माने जाने के कारण जो गड़बड़ पैदा होती है उसे दूर किए बगैर इन सवालों का सही जवाब सामने नहीं आ सकता है।

गणराज्य या संसदीय शासन पद्धति से प्रजातंत्र पूरी तरह भिन्न है। प्रजातंत्र की जड़ें, प्रशासन का प्रकार संसदीय हो या अन्य इसमें दिखाई नहीं देता है। प्रजातंत्र सहजीवन का एक तरीका है। लोगों के द्वारा निर्मित समाज में सामाजिक संबंध और लोगों के परस्पर के बीच के सहजीवन में प्रजातंत्र की जड़ेंखोजनी पड़ती हैं।

‘समाज’ शब्द क्या ध्वनित करता है? संक्षेप में बताना हो तो जब हम समाज के बारे में बोलते हैं तब उसके बारे में हमारे मन में एकात्मकता की धारणा होती है। सामुदायिक प्रेरणा और व्यापक कल्याण की सार्वजनिक लक्ष्यों के प्रति निष्ठा, एक-दूसरे के प्रति चिंता और सहयोग ही समाज यह एकक के गुण होते हैं।

भारतीय समाज में क्या ये आदर्श दिखाई देते हैं? इस समाज में व्यक्ति का अस्तित्व नहीं होता यह कई जातियों का समूह है। एक-दूसरे से विभक्त इन जाति समूहों में समान अनुभूति नहीं और परस्पर अनुकंपा भी नहीं। हालांकि, भारतीय समाज में उपर्युक्त आदर्श हैं अथवा नहीं हैं यह सवाल ही अप्रस्तुत साबित होता है। जातिव्यवस्था के अस्तित्व के कारण इन आदर्शों को, पर्याय से प्रजातंत्र को इस समाज से हमेशा के लिए निकाल बाहर किया है।