50 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
लक्ष्य के कारण ही इस कॉलेज का नाम सिद्धार्थ रखा है। इस बात को ध्यान में रखें। बुद्ध के नाम से इस कॉलेज की स्थापना क्यों की गई? क्योंकि, ब्रह्मजालसूत्र में बुद्ध ने ही यह उद्देश्य हमें बता रखा है। उस सूत्र में बताया गया है कि हम यह मान कर चलते हैं कि भारत में औपनिषदिक दर्शन का प्रसार हुआ है। इन दार्शनिकों का ब्रह्म में विश्वास है। एक बार कई ब्राह्मण दार्शनिक गौतम से मिलने आए। गौतम के शिष्यों ने अपने गुरु से कहा, ‘‘आपसे मुलाकात की उम्मीद लेकर वे ब्रह्मवादी दार्शनिक आपसे मिलने आए हैं। उन्होंने एक नए दर्शन की स्थापना की है और इस दर्शन के प्रमुख भगवान ब्रह्म है यह उनका दावा है। गुरुजी, इस बारे में आपके विचार क्या हैं यह हम सब जानना चाहते हैं।’’
इस पर गौतम ने जो जवाब दिया वह विचारणीय है ऐसा मुझे लगता है। गौतम ने ब्रह्मवादियों से सवाल किया, ‘क्या आप लोगों ने ब्रह्म को देखा है?’ उन्होंने कहा, ‘नहीं।’ गौतम ने पूछा, ‘क्या आपकी ब्रह्म से बातचीत हुई है?’ जवाब मिला, ‘नहीं।’ गौतम ने पूछा, ‘क्या आपने ब्रह्म के बारे में कुछ सुना है?’ फिर जवाब मिला, ‘नहीं।’ गौतम ने पूछा, ‘क्या आपने ब्रह्म को चखा है?’ जवाब वही था, ‘नहीं’ तब गौतम ने उनसे कहा कि जब आप कहते हैं कि आपके पंचज्ञानेंद्रियों ने और पंचकर्मेंद्रियों ने ब्रह्म क्या है इसका अनुभव नहीं किया, तो फिर ब्रह्म है यह आप किस भरोसे कहते हैं? इस पर ब्रह्मवादियों से कोई जवाब देते नहीं बना।
मैं आपको गौतम के एक और व्याख्यान के बारे में बताता हूं। महापरिनिब्बानसूत्र में इस बारे में विवेचन हुआ है। गौतम आसन्न मरण स्थिति में थे। उस दौरान उनके प्रमुख शिष्य कुशिनारा में रहते थे। उस वक्त उनके मुख्य शिष्य आनंद ने गौतम से कहा, ‘महाराज, आप इतनी जल्दी निर्वाण नहीं ले सकते। ऐसी कई बातें बाकी हैं जिनके बारे में आपने अपना निर्णय अभी हमें नहीं दिया है। हमारा मार्गदर्शन नहीं किया है!’ बुद्ध ने इसका जो जवाब दिया वह सचमुच विचारणीय है। उन्होंने कहा, ‘मैं चालीस सालों से आपके साथ रहा हूं। यानी मेरी उम्र अब पूरे अस्सी साल की है। इतने सालों तक मैं आपके संपर्क में रहा हूं इसलिए आपके कहने पर मुझे आश्चर्य हो रहा है कि अपने कुछ प्रश्नों के जवाब अभी भी आपको नहीं मिले हैं। सभी सवालों के जवाब आपको मुझसे नहीं मिले हैं यह मुझे असंभव लगता है। अपने चालीस साल के सम्बोधन में बताने लायक अभी कुछ बाकी रहा हो ऐसा मुझे नहीं लगता। आपके इस सवाल से आपके दिमाग में कुछ गड़बड़ है ऐसा मुझे लगता है। अब तक मैंने तुम्हें जो जो सिखाया वह आप पूरी तरह समझे नहीं ऐसा मुझे लगने लगा है। एक बात ध्यान में रखें और उसी के अनुसार व्यवहार करें, ताकि आपके सवाल आप खुद हल कर पाएंगे। यानी कि, कोई बात केवल मैं कहता हूं इसीलिए सत्य है ऐसा आप न मानें। आपकी विचारशक्ति,