5. उप-समिति संख्या 6 (मताधिकार) - Page 100

उप-समिति संख्या 6

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अध्यक्षऽः छोटे समुदायों को वास्तव में मतदाताओं की संख्या से इतना संरक्षण नहीं मिलता जितना उनके प्रतिनिधियों की संख्या से मिलता है, चाहे उनके पृथक निर्वाचक-मंडल अथवा उनके संयुक्त निर्वाचक-मंडल हों। जिनमें आरक्षण का प्रावधान हो। वही उनका मुख्य संरक्षण है।

लेकिन किसी निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए क्या हम ‘प्रत्येक समुदाय’ शब्द का प्रयोग करने के बजाए यह नहीं कह सकते, जो श्री चिंतामणि ने मुझे बताया था, ‘हमारी यह इच्छा है कि मताधिकार आयोग को अपना प्रस्ताव रखते समय इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि आदर्श प्रणाली बड़े समुदायों को यथासंभव आनुपातिक संख्या में मत प्रदान करेगी’, आदि। मैं समझता हूं, इससे काम चल जाएगा।

माननीय कावसजी जहांगीरः ‘दो बड़े समुदाय।’

अध्यक्षः इकना तर्क यह है कि ये अपने आपको बड़े समुदायों के साथ सीमित नहीं करना चाहते, बल्कि वे उसे इस प्रकार पेश करना चाहते हैं कि ये केवल बड़े समुदायों के संबंध में ही सिफारिश कर रहे हैं, छोटे समुदाय उनकी सिफारिशों की परिधि में आते ही नहीं। क्या आप उनसे इस मामले में सहमत हैं?

माननीय कावसजी जहांगीरः यह बहुत खतरनाक बात है। जब आप पृथक निर्वाचक-मंडल की बात करते हैं, तो हमारे तो पृथक निर्वाचक-मंडल है ही नहीं और न ही हम उन्हें चाहते हैं।

डॉ. अम्बेडकरः इसका अर्थ यह है कि बड़े निर्वाचक-मंडल की सुविधा को बनाए रखने के लिए मताधिकार अधिसंख्य जनता को नहीं दिया जाना चाहिए। इससे तो यही निष्कर्ष निकलता है कि मतदाताओं की संख्या के अनुपात में माननीय कावसजी जहांगीर की जनसंख्या के वर्तमान अनुपात को बनाए रखने के लिए देश के अन्य लोगों को मतदाताओं की सूची में होना ही नहीं चाहिए।

माननीय कावसजी जहांगीर ः मेरे कहने का केवल यह अर्थ है कि छोटे-छोटे समुदायों को खतरा नहीं होना चाहिए।

डॉ. अम्बेडकरः मताधिकार जब भी घटाया जाएगा, आपकी स्थिति तो निस्संदेह खतरे में पड़ जाएगी और यदि आप यह महसूस करते हैं कि अन्य मतदाताओं के अनुपात में आपका स्थान नीचे आ जाएगा, तो आपकी सुरक्षा इसी में है कि या तो आप बहुमत पर विश्वास रखें या पृथक निर्वाचक-मंडलों की मांग करें। लेकिन आप यह नहीं कह सकतेः ‘चूंकि हमें नीचे ढकेल दिया जाएगा, हम डूब जाएंगे। इसलिए अन्य समुदायों को यह लाभ नहीं दिया जाना चाहिए।’ आपके तर्क से सिर्फ यही अर्थ निकलता है और कोई नहीं।

माननीय कावसजी जहांगीरः मैं यह तो नहीं कह रहा।

अध्यक्षः मेरा ख्याल है कि हमें अपना निष्कर्ष ही निकालना होगा। याद रखिए

ऽ प्रोसीडिंग्स ऑफ दि सब-कमेटी नं. 6 (फ्रेन्चाइज), पृ. 171-72