पूर्ण सम्मेलन की समिति
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डॉ. अम्बेडकरः हमने अपने प्रस्ताव में सेना को शामिल नहीं किया था।
श्री थॉमसः अध्यक्ष महोदय! मैं समझता हूं कि किसी संशोधन की आवश्यकता नहीं है। वह पैराग्राफ जान-बूझकर समाविष्ट किया गया था। ‘उप-समिति का विचार है कि भारत में नए राजनीतिक ढांचे के विकसित हो जाने के बाद भारत की रक्षा का सरोकार केवल ब्रिटिश सरकार से न रहकर अधिकाधिक भारत की जनता से हो जाता है।’ इसमें यह नहीं कहा गया है कि भारत की रक्षा का सरोकार भारत के किसी वर्ग विशेष से होना चाहिए। यह तो इस बात को छिपाने के लिए जान-बूझकर गढ़ लिया गया है और इस पर ‘भारतीयकरण’ शब्द लागू होता है।
डॉ. अम्बेडकरः जी हां, लेकिन मेरा कहने का तात्पर्य यह है कि भारतीयकरण तो उस स्थिति में भी हो सकता है, जबकि सभी समुदायों को लोक सेवा में प्रवेश का कोई अवसर ही न हो। भारतीयकरण का तो तब यह अर्थ भी हो सकता है कि कुछ ही समुदायों का एकाधिकार बना रहे।
अध्यक्षः यदि यह बात है तो इसको नोट किया जाएगा।