98 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
अध्यक्षः मैं यह कहना चाहता हूं कि जब मूल अधिकार पहले ही से मौजूद हैं, तब अधिकारों की बात को दोहराना क्या जरूरी है? क्या उप-समिति संतुष्ट हो जाएगी, यदि हम अपनी रिपोर्ट में पहले दो प्रस्तावों को स्वीकृति दे दें, जो माननीय सी. सीतलवाड ने पढ़कर सुनाए हैं और मूल अधिकारों के संबंध में की गई घोषणा का उल्लेख न करें?
डॉ. अम्बेडकरः मैं यह बताना चाहता हूं कि हमें न केवल इस बात से चौकन्ना रहना है कि लोक सेवा आयोग नियुक्तियां करने के मामले में स्थानीय सरकारों से प्रभावित हो, बल्कि मेरा तो यह भी विचार है कि हमें लोक सेवा आयोग द्वारा अपनी शक्तियों के दुरुपयोग के प्रति भी सतर्क रहना चाहिए। इस बात पर मेरी प्रतिक्रिया कुछ तीव्र है। निश्चय ही लोक सेवा आयोग अपने कार्मिकों के संबंध में बहुत सीमित रहेगा। इसलिए हम यह प्रावधान नहीं रख सकते कि लोक सेवा आयोग अपने कार्मिकों के संबंध में देश के विभिन्न समुदायों का प्रतिनिधित्व करेगा। लोक सेवा आयोग का गठन करते समय कुछ समुदायों से सदस्य लेने होंगे और फिर मानव स्वभाव भी रंग लाएगा ही। इसलिए मुझे यह आशंका है कि लोक सेवा आयोग कहीं अपनी शक्तियों का दुरुपयोग न कर बैठे।
श्री मोदीः इसका निदान क्या हो?
डॉ. अम्बेडकरः निदान यह होगा कि विधान परिषद को लोक सेवा आयोग में अविश्वास प्रस्ताव पेश करने की शक्ति दी जाए, उदाहरण के लिए जैसे-
माननीय सी. सीतलवाडः उससे तो सारा उद्देश्य ही विफल हो जाएगा।
डॉ. अम्बेडकरः यदि यह साधन वांछनीय न हो, तो इस मुद्दे पर कोई और साधन या किसी अन्य विधि का भी मैं स्वागत करूंगा। लेकिन मेरी इस बारे में पक्की धारणा है कि ऐसे लोक सेवा आयोग का क्या लाभ, जो अपने ही समुदाय में रुचि रखता हो, किसी दूसरे में नहीं।
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माननीय सी. सीतलवाडऽः यह निर्धारित कर देने के बाद कि लोक सेवा आयोग विभिन्न समुदायों के लिए उचित प्रतिनिधित्व की व्यवस्था करेगा। हम गवर्नर को उसके अनुदेश-पत्र में इस बात का ध्यान रखने की शक्ति देंगे कि इस प्रकार का प्रतिनिधित्व दिलाया गया है।
डॉ. अम्बेडकरः आप खंड 2 में यह प्रावधान कर सकते हैं कि ऐसा उन निर्देशों के अनुरूप होना चाहिए, जो गवर्नर उन्हें दे।
माननीय सी. सीतलवाडः यह तो गवर्नर को अत्यधिक शक्ति देना हुआ। आप यही तो चाहते हैं कि विभिन्न समुदायों को उचित प्रतिनिधित्व दिलाया जाए, आप यही
ऽ प्रोसीडिंग्स ऑफ दि सब-कमेटी नं. 8 (सर्विसेज), पृ. 121-22