8. पूर्ण अधिवेशन (सामान्य पुनर्विलोकन) - Page 129

112 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

किया है कि आपकी घोषणा उस स्थिति में उचित होगी, जब उपर्युक्त आदर्श प्राप्त हो जाए। आप कहेंगे कि आपकी दलित वर्गों के साथ पूरी सहानुभूति है। लेकिन इस पर मेरा उत्तर यह होगा कि पीडि़त जनता के लिए कुछ और ठोस, कुछ और स्पष्ट आश्वासन चाहिए। हो सकता है कि आप मेरी बातों की इसलिए उपेक्षा करें कि इनसे मेरे अनुचित संदेहों की गंध आती है। इसका मेरे पास यही जवाब है कि किसी बात के प्रति चिंतित होने के लिए उपेक्षा का पात्र होना अत्यधिक आश्वासन के हाथों नष्ट हो जाने से कहीं बेहतर है।