9. संघीय संरचना समिति - Page 145

128 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

पच्चीसवीं बैठक - 18 सितंबर, 1931

मद संख्या 2

(संघीय विधान-मंडल के सदस्यों के चुनाव से संबंधित प्रश्न)

डॉ. अम्बेडकरऽः मैं श्री गांधी से यह प्रश्न पूछना चाहता हूंः कांग्रेस ने संघीय विधान-मंडल या संघीय कार्यकारिणी के स्वरूप के बारे में बिल्कुल भी विचार नहीं किया है। कांग्रेस ने एक ही प्रश्न पर विचार किया है कि क्या यह ब्रिटिश साम्राज्य का भाग होगा या यह स्वतंत्र होगा। इसलिए श्री गांधी ने जो कुछ कल कहा, वह उनका निजी मत हो सकता है। मैं यह प्रश्न पूछना चाहता हूं कि क्या उन्होंने जो कुछ कहा, वह उनके निजी विचार हैं, या वह उनके बारे में अधिकारपूर्वक यह कहना चाहेंगे कि वह कांग्रेस के विचारों को प्रस्तुत कर रहे थे। मैं एक और प्रश्न पूछना चाहता हूं। जहां तक हमें कांग्रेस की कार्यवाहियों की जानकारी है, जो अब जनता के सामने हैं, इस प्रश्न पर मेरी जानकारी में कांग्रेस द्वारा कभी भी विचार नहीं किया गया है। हो सकता है कि इस पर कांग्रेस द्वारा गुप्त रूप से विचार किया गया हो। इसलिए मैं यह प्रश्न पूछता हूं। दूसरा प्रश्न यह है कि अप्रत्यक्ष चुनाव के बारे में जिस पर उन्होंने अपनी सहमति दी है, श्रीमती एनी बेसेंट ने होम रूल बिल में ऐसा कुछ नहीं कहा जो बना दिया गया है और क्या संघीय विधान-मंडल के उस तरीके को कांग्रेस द्वारा निश्चित रूप से अस्वीकृत नहीं किया गया था?

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II

लॉर्ड चांसलरऽऽः डॉ. अम्बेडकर द्वारा एक अन्य दृष्टिकोण पर बहुत ज्यादा जोर दिया गया है और इस बारे में इस पक्ष के लोगों की शायद सहमति हो, इसलिए मैं उसका भी उल्लेख करूंगा। यह सुझाव दिया गया है कि अगर राज्य विषयों के चुनाव के सिद्धांत को गारंटी नहीं दी जाती है, तब एक ऐसा वर्ग बन जाएगा, जो वस्तुतः सरकारी ब्लॉक से जुदा नहीं होगा और इसलिए यह सुझाव दिया गया कि इस ब्लॉक को गठित करने में राजनीतिक विभाग की मुख्य भूमिका रहेगी। महोदय! मुझे यह कहने में कोई संकोच नहीं है कि सरकारी सेवकों की यह बड़ी जमात, जो राजनीतिक विभाग में है, भारत में या भारत से बाहर किसी भी मुल्क के सरकारी सेवकों की तरह ही कर्तव्यपरायण और निष्पक्ष है।

डॉ. अम्बेडकरः अगर ऐसा है, तो आप उत्तरदायी सरकार क्यों चाहते हैं?

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ऽ प्रोसीडिंग्स ऑफ दि फेडरल स्ट्रक्चर कमेटी एंड माइनॉरिटीज कमेटी, खंड 1, पृ. 175

ऽऽ वही, पृ. 184-85