संघीय ढांचा समिति
या पूर्ण बहुमत भी नहीं है, बल्कि उसकी अपेक्षा उच्च बहुमत है।
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डॉ. अम्बेडकरः क्या श्री जफरुल्ला खां प्रत्येक सदन को इस बात की इजाजत देंगे कि वह किसी भी मामले पर साधारण बहुमत से निर्णय लें या वह चाहते हैं कि ऐसी स्थिति में सदस्यों का वास्तविक बहुमत हो?
जफरुल्ला खांः साधारण बहुमत।
डॉ. अम्बेडकरः तब तो उन्हें जब वे संयुक्त रूप से बैठे हों, हर मामले पर निर्णय साधारण बहुमत से ले लेना चाहिए।
माननीय मुहम्मद शफीः यह इसलिए कि इन दोनों सदनों के बीच दृष्टिकोण का अंतर है।
श्री जफरुल्ला खांः अक्सर सदस्य-गण एक-दूसरे के दृष्टिकोण को नहीं समझ पाते हैं। लेकिन एक वजह यह होगी कि इन दोनों सदनों के स्वरूप भिन्न-भिन्न होंगे।
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सरदार उज्जल सिंहऽः जहां तक वित्त विधेयक का संबंध है, मैं आजकल की संघ सरकारों के कुछ उदाहरण देना चाहता हूं। पहले कनाडा डोमीनियन को लीजिए, जो ब्रिटिश कॉमनवेल्थ का एक सदस्य है। महोदय! वहां अनुच्छेद 53 जिसका उल्लेख बहुत से वक्ताओं ने किया है, सिर्फ यह कहता है - ‘सार्वजनिक राजस्व में से किसी भाग का विनियोग करने या कोई कर या महसूल लगाने के लिए विधेयक हाउस ऑफ कॉमन्स द्वारा प्रस्तुत किए जाएंगे।’ कनाडा में दोनों सदनों की शक्तियों की परिभाषा ठीक-ठीक नहीं बताई गई है। इसकी वजह यह है कि अनुच्छेद 18 में यह कहा गया है कि कनाडा सामान्य रूप से ब्रिटिश मॉडल का अनुसरण करेगा। इसमें कहा गया हैः फ्विशेषाधिकार, निरापदता और शक्तियां ख्. . ., य्
डॉ. अम्बेडकरः यहां इसका कोई प्रसंग नहीं है, यह सदन के अंदर का विशेषाधिकार है।
सरदार उज्जल सिंहः आपने क्या कहा? ‘सीनेट और हाउस ऑफ कॉमन्स द्वारा
. . . धारण किए जाने वाले और प्रयोग किए जाने वाले विशेषाधिकार, निरापदता और शक्तियां इसका अर्थ हाउस ऑफ कॉमन्स के सदस्य नहीं हैं।
डॉ. अम्बेडकरः जी नहीं। अगर आप प्रस्तावना को देखें, तब आपको यह मिलेगा कि कनाडा के संविधान में यह व्यवस्था की गई है कि कनाडा का संविधान वैसा ही होगा, जैसा ब्रिटेन में दिया हुआ है। आप यह भी देखेंगे कि हाउस ऑफ कॉमन्स और हाउस ऑफ लॉर्ड्स के बीच के संबंध ही कनाडा के प्रभावी सिद्धांत होंगे। लेकिन कनाडा में हाउस ऑफ कॉमन्स के विशेष अधिकारों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता।
ऽ प्रोसीडिंग्स ऑफ दि फेडरल स्ट्रक्चर कमेटी एंड माइनॉरिटीज कमेटी, खंड 1, पृ. 249