संघीय ढांचा समिति
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द्वितीय सदन को हाउस ऑफ कॉमन्स के बराबर की शक्ति नहीं होनी चाहिए या जिससे वह एक प्रतियोगी शक्ति बन सके, उसे सरकारों को बरखास्त करने या कार्यकारिणी को भी दोनों सदनों के प्रति उत्तरदायी बनाने की शक्ति नहीं दी जानी चाहिए।
मेरा ख्याल है कि मैंने इस समिति के सम्मुख जो प्रस्ताव रखा है, उसके समर्थन में मैंने पर्याप्त प्रमाण दे दिए हैं।
लॉर्ड पीलः क्या मैं कह सकता हूं कि वह एक सम्मिलित सरकार थी?
डॉ. अम्बेडकरः वह एक सम्मिलित सरकार थी।
लॉर्ड पीलः सम्मिलित सरकार में आप वह सब कुछ नहीं कर सकते, जो आप चाहते हैं।
डॉ. अम्बेडकरः महोदय! यह आपके सोचने की बात हैं। इस बारे में मैं कुछ नहीं कह सकता। सम्मिलित सरकार एक ऐसी सरकार थी, जिसमें एक से अधिक पार्टियां शामिल थीं। इसलिए जब मैं सम्मिलित सरकार को साक्षी मानकर कोई बात कर रहा हूं, तब मैं यह कहना चाहता हूं कि यह एक ऐसी स्थिति थी, जिसे एक से अधिक पार्टियों का समर्थन प्राप्त था, जिसमें लॉर्ड पील भी थे। निवेदन है कि इस समिति के सम्मुख मैंने जो प्रस्ताव प्रस्तुत किया है, उसके बारे में यह सिद्ध करने के लिए पर्याप्त प्रमाण दे दिए हैं कि यह प्रस्ताव कोई क्रांतिकारी प्रस्ताव नहीं है।
माननीय तेज बहादुर सपू्रः क्या मैं डॉ. अम्बेडकर से पूछ सकता हूं कि क्या वह अपने दृष्टिकोण के समर्थन में किसी संघीय संविधान का उल्लेख करने की कृपा करेंगे? इंग्लैंड संघ राज्य नहीं है और आयरलैंड, वह भी संघ राज्य नहीं है।
डॉ. अम्बेडकरः जी हां।
माननीय तेज बहादुर सपू्रः ब्राइस कमेटी का संघ राज्य से कोई लेना-देना नहीं था।
डॉ. अम्बेडकरः मेरा उत्तर यह है कि जब तक आपका संघीय संविधान इस प्रकार नहीं गठित किया जाता है कि उच्च सदन में उनके हितों का प्रतिनिधित्व हो, जिनका प्रतिनिधित्व निनचले सदन में नहीं हुआ है, तब तक इस प्रस्ताव में कोई कमी नहीं है। इसका इस बात से कोई संबंध नहीं है कि कोई सरकार एकात्मक है या संघीय।
माननीय पी.सी. मित्तरः मैं आपसे एक प्रश्न करना चाहता हूं। हाउस ऑफ लॉर्ड्स पुश्तैनी सदन होता था। क्या आयरलैंड का उच्च सदन भी कभी ऐसा नहीं होता था?
डॉ. अम्बेडकरः निवेदन है कि हाउस ऑफ लॉर्ड्स ने भी इस क्रांतिकारी परिवर्तन पर अपनी सहमति दे दी थी, जो एक प्राचीन सदन था, जिसका अपना गौरव, परंपराएं और विशेषाधिकार होते थे। मैं अत्यंत सम्मान के साथ यह पूछना चाहता हूं कि हाउस ऑफ लॉर्ड्स की तुलना में भारतीय राज्यों की स्थिति क्या होगी?