140 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
श्री गाविन जोन्सः अगर उन्होंने इन सभी सुरक्षा उपायों को जरूरी समझा था, तब मेरा विचार है कि हम इन्हें भारत में अपना लें।
डॉ. अम्बेडकरः वह दूसरी बात है। यहां विचारणीय है कि क्या ऑस्ट्रेलिया ने इस संबंध में जो प्रावधान किया है, वह इसलिए कि वे लोग संघीय संविधान चाहते थे। मेरा कहना है कि उन्होंने अपना संविधान बनाते समय इंग्लैंड के संविधान में जो पाया, वैसा ही अपना लिया था।
अट्टòाइसवीं बैठक - 23 सितंबर, 1931
मद संख्या 1
(संघीय विधान-मंडल में सदस्यों की संख्या और उसका गठन)
डॉ. अम्बेडकरऽः मैं उप-मद संख्या (1), (2), (3) और (4) के बारे में कुछ नहीं कहूंगा। इन विषयों पर मेरे मित्र श्री जोशी ने जो कुछ आपसे पूर्वाह्न में बोला, सिर्फ एक बात को छोड़कर उनसे मैं सहमत हूं। इन दोनों सदनों में सदस्यों की किसी संख्या के बारे में मेरा कोई आग्रह नहीं है। मेरे विचार में हमें कोई निश्चित संख्या लेकर विचार शुरू नहीं करना चाहिए। यह संख्या सभी आवश्यक पक्षों पर विचार कर निश्चित की जानी चाहिए। मैं यह भी कहना चाहता हूं कि मैं एक बड़ा सदन बनाने के पक्ष में हूं, क्योंकि मैं सोचता हूं कि यह सदन विचार-विमर्श का सदन होगा और इसलिए इसका गठन इस प्रकार होना चाहिए कि इसमें सभी हितों का प्रतिनिधित्व हो और किसी एक
खास हित के लोगों को ही ठूंस-ठांस कर भर दिया जाए।
एक बड़ा सदन बनाए जाने के विरोध में एक ही तर्क दिया गया है कि हमारा सदन कामकाजी सदन होना चाहिए। मैं सोचता हूं कि इस तर्क में कुछ वजन है और सदन की कार्यकुशलता इस बात पर कम निर्भर करती है कि उसमें कितने सदस्य हैं, बल्कि इस बात पर अधिक निर्भर करती है कि उसने अपने लिए कैसे विषय और कैसी कार्यप्रणाली निश्चित की है। इसलिए मैं उस विचार से उसकी सीमा नहीं बनाऊंगा।
मैं जिस विषय पर खासतौर से बोलना चाहता हूं, वह उप-मद संख्या 4 है। मैं पहले उप-मद (4) के भाग (ख) को लेता हूं, जो इस प्रकार हैः
संघीय संरचना समिति को संघीय संविधान बनाने के संबंध में अपनी कार्रवाई शुरू
करने के लिए कितनी न्यूनतम संख्या में भारतीय राज्यों का शामिल होना आवश्यक
समझा जाना चाहिए?
यह एक प्रश्न है, जिस पर से परदा नहीं उठाया गया है। हमें बताया गया है कि भारत का भावी संविधान संघीय संविधान होना चाहिए। लेकिन किसी ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि क्या यह उन लोगों का मत है, जो इस बात पर जोर देते हैं कि संघीय रूप में एक उत्तरदायी सरकार की स्थापना के पूर्व भारतीय राज्यों का शामिल होना एक
ऽ प्रोसीडिंग्स ऑफ दि फेडरल स्ट्रक्चर कमेटी एंड माइनॉरिटीज कमेटी, खंड 1, पृ. 344-46