148 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
डॉ. अम्बेडकरः इन्हें सुलझाया जाना चाहिए। इन दोनों संकल्पनाओं के बाद, महोदय! मेरा निवेदन है कि मैं आयकर के किसी ऐसे विभाजन का अनुमोदन नहीं करूंगा, जिससे आयकर की दरों को निश्चित और उससे होने वाली आय को अपने और प्रांतीय सरकारों के बीच विभाजित करने का अधिकार संघ सरकार को दे दिया जाए। मैं चाहता हूं कि कराधान के आधार को आवंटित किया जाए - एक आधार संघीय सरकार को तो दूसरा आधार प्रांतीय सरकार को दिया जाए। मैं चाहता हूं कि कराधान जांच समिति, द्वारा प्रस्तावित प्रणाली को लागू किया जाए। जहां तक आयकर के विभाजन का संबंध है, मैं चाहता हूं कि व्यक्तिगत आय प्रांतों को और शेष आय संघीय सरकार को आवंटित की जाए। मैं यह भी चाहता हूं कि व्यक्तिगत आय पर कर की दर संघीय सरकार के द्वारा निश्चित न की जाकर हर प्रांत के द्वारा अपनी-अपनी आवश्यकता के अनुसार निश्चित की जाए।
पैंतीसवीं बैठक - 15 अक्तूबर 1931
मद संख्या 4
(संघ और उसकी इकाइयों के बीच वित्तीय संसाधनों का विभाजन)
संघीय वित्त उप-समिति की रिपोर्ट पर बहस
डॉ. अम्बेडकरऽः अध्यक्ष महोदय! कल मैंने आपका ध्यान इस तथ्य की ओर आकृष्ट किया था कि वित्तीय समिति ने संघ सरकार के लिए, जो वित्तीय प्रणाली प्रस्तावित की है, वह मुझे अपर्याप्त और अविकासशील लगती है। यह उस भार के अनुरूप नहीं है, जो किसी आपात स्थिति के उत्पन्न होने पर संघ की सरकार पर पड़ सकता है और इसलिए दोनों सरकारों के लिए आयकर को आय का एक समान स्रोत बनाकर उप-समिति द्वारा राजस्व के प्रस्तावित आवंटन में परिवर्तन किया जाना चाहिए। मैंने यह भी कहा था कि संसाधनों का आवंटन करते समय दो संकल्पनाओं को ध्यान में रखा जाना चाहिए। पहली संकल्पना यह है कि वित्तीय व्यवस्था, चाहे वह संघीय हो चाहे प्रांतीय, स्वायत्त और आत्मनिर्भर होनी चाहिए। दूसरा यह कि यह ऐसी नहीं होनी चाहिए, जिससे कार्यकारिणी में उत्तरदायित्व की वह भावना कम हो जाए, जो उसकी विधान-मंडल के प्रति होनी चाहिए। इससे स्पष्ट है कि जो आर्थिक सहायता या अंशदान स्वायत्तपूर्ण और आत्मनिर्भर वित्त व्यवस्था के अनुरूप नहीं है, उससे कार्यकारिणी में विधान-मंडल के प्रति उत्तरदायित्व की भावना को क्षति पहुंचेगी और उससे विधान-मंडल कार्यकारिणी के प्रति उदासीन हो जाएगा। पूर्ति को अस्वीकृत करने की शक्ति और बाहर से प्राप्त पूर्ति के विनियोजन को अस्वीकृत करने की शक्ति का होना कार्यकारिणी को
ऽ प्रोसीडिंग्स ऑफ दि फेडरल स्ट्रक्चर कमेटी एंड माइनॉरिटीज कमेटी, खंड 1, पृ. 534-40