9. संघीय संरचना समिति - Page 172

संघीय ढांचा समिति

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द्वारा बनाए गए सिद्धांतों से सहमत नहीं हूं। मैं यह भी कहना चाहता हूं कि मुझे इस समिति की स्थापना पर कोई आपत्ति नहीं है, बशर्ते यह स्पष्ट हो जाए कि इस समिति को सिद्धांतों में परिवर्तन और संशोधन सुझाने का अधिकार है, जिससे संघीय सरकार की भावी वित्त व्यवस्था एक स्वस्थ व्यवस्था बने।

मद संख्या 8

(संघीय न्यायालय)

डॉ. अम्बेडकरऽः अध्यक्ष महोदय! मुझे ऐसा लगता है कि भारत में संघीय न्यायालय की स्थापना के प्रश्न पर विचार करते समय हमारा संबंध तीन प्रश्नों से है। पहला प्रश्न है, संघीय न्यायालय का कार्यक्षेत्र, दूसरा है, संघीय न्यायालय के निर्णयों के फैसलों का कार्यान्वयन और तीसरा है, संघीय न्यायालय का गठन। मैं इन तीनों मुद्दों पर अपने विचार प्रस्तुत करूंगा। सबसे पहले मैं संघीय न्यायालय के कार्यक्षेत्र के बारे में कह रहा हूं।

यह सर्वस्वीकृत तथ्य है कि संघीय न्यायालय का एक कार्य संघीय संविधान की व्याख्या करना है। एकात्मक सरकार प्रणाली के विपरीत संघीय सरकार की एक उल्लेखनीय विशेषता यह होती है कि संघीय सरकार में कार्यों का वितरण हुआ रहता है, जो संघ की बुनियाद होती है। वहां दो कार्यक्षेत्र होते हैं, एक कार्यक्षेत्र कानूनी तौर पर संघीय सरकार को आवंटित होता है और दूसरा राज्य या प्रांतीय सरकार को आवंटित होता है। किसी संघ में महत्त्वपूर्ण बात यह देखना है कि किसी एक का कार्यक्षेत्र दूसरे के कार्यक्षेत्र में दखल न करे। यही सुनिश्चित करने के लिए संघीय न्याय-व्यवस्था जरूरी हो जाती है, जो दोनों सरकारों को अपने-अपने कार्यक्षेत्र तक सीमित रखती है। यही एक प्रयोजन है, जिसके लिए संघीय न्यायालय का होना जरूरी हो जाता है। लेकिन मुझे लगता है कि एक दूसरा कार्य भी है, जिसे संघीय न्यायालय को पूरा करना चाहिए। संघीय न्यायालय की न्याय-व्यवस्था का एक पक्ष और है, जिसे अंतर्राष्ट्रीय न्याय का न्यायालय कहा जाता है। जिन उद्देश्यों से बहुत-सी राष्ट्रीय सरकारें आपस में मिलकर एक संघ बनाती हैं, उनमें से एक उद्देश्य यह है कि विभिन्न सरकारों और विभिन्न इकाइयों के बीच जो विवाद संघ बनने के पहले कूटनीति या लोकतंत्र के विफल होने पर युद्ध के द्वारा तय होते थे, वह संघीय न्यायालय के कानूनी निर्णयों द्वारा तय किए जाने चाहिए, जिसके अधीन वे सभी होती हैं। यह दृष्टिकोण अमरीका के सर्वोच्च न्यायालय ने स्वयं निर्दिष्ट किया था। अगर आपकी अनुमति हो, तो मैं लुइसाना बनाम टेक्सास, 176, यू.एस. मामले में दिए गए अमरीका के सर्वोच्च न्यायालय के निर्णयों में से एक निर्णय से एक छोटे से पैराग्राफ को पढ़ना चाहता हूं।

अध्यक्षः इसकी तारीख क्या है?

ऽ प्रोसीडिंग्स ऑफ दि फेडरल स्ट्रक्चर कमेटी एंड माइनॉरिटीज कमेटी, खंड 1, पृ. 689-702