संघीय ढांचा समिति
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कल्पना कीजिए कि प्रांतीय सरकार ऋण अदा नहीं कर पाती। इसका समाधान क्या है? इस योजना में मुझे संघीय न्याय-व्यवस्था के लिए कोई प्रावधान नहीं मिला है, जिससे कि कोई उचित कार्रवाई की जा सके। एक दूसरा उदाहरण लीजिए, ब्रिटिश सरकार के अधीन बहुत से ऐसे क्षेत्र हैं, जिन्हें सौंपे गए क्षेत्र कहा जाता है। इन क्षेत्रों की सरकारें यह मांग कर रही हैं कि ये सौंपे गए क्षेत्र, उन्हें वापस लौटाए जाएं या अगर ये क्षेत्र वापस नहीं किए जाते हैं, तो उन्हें उसके लिए हर्जाना दिया जाए। कल्पना कीजिए कि उक्त सौंपे गए किसी क्षेत्र में ब्रिटिश सरकार ने किसी व्यक्ति को कुछ भूमि दी है और कल्पना कीजिए कि उक्त क्षेत्र को भारतीय राज्य को लौटाए जाने पर वहां का शासक भी उस भूमि को किसी दूसरे को दे देता है। अब यह ऐसा मामला है जहां एक ही चीज दो भिन्न-भिन्न प्राधिकारियों के द्वारा भिन्न-भिन्न व्यक्तियों को मंजूर की जाती है। इस तरह के विवाद के निर्णय के लिए क्या व्यवस्था है? क्या संघीय न्यायालय इस तरह के मामलों की सुनवाई करेगा या नहीं? एक और उदाहरण लीजिए, कोई दो व्यक्तियों के बीच कोई कानूनी विवाद है। ये व्यक्ति संघ की भिन्न-भिन्न इकाइयों में रहते हैं। इनके मामले की सुनवाई किस अदालत में होगी? ये ऐसे कुछ मामले हैं, जिनके बारे में मैंने आपके अभिभाषण में कोई व्यवस्था नहीं देखी है, जो आपने कल हम लोगों के सम्मुख दिया था।
भारत में संघीय न्यायालय के लिए आपकी योजना में, जो विधान प्रस्तावित किया गया है, उसकी तुलना ऑस्ट्रेलिया और अमरीका के संघीय न्यायालयों के कार्यक्षेत्र के साथ करने के बाद मुझे लगता है कि इस योजना में संघीय सरकार की जरूरतों को पूरा करने के लिए यथेष्ट प्रावधान नहीं किया गया है। ऑस्ट्रेलिया में धारा 75 के अधीन वहां के उच्च न्यायालय के कार्यक्षेत्र में वे सभी मामले आते हैं, (1) जो किसी भी संधि से उत्पन्न होंगे, (2) जो दूसरे देशों के काउंसिलों या प्रतिनिधियों को प्रभावित करते हैं, (3) जिसमें कॉमनवेल्थ या अभियोग करने वाला या जिस पर कॉमनवेल्थ की ओर से अभियोग किया गया है, एक पक्षकार है, (4) जो राज्यों और दूसरे भिन्न-भिन्न राज्यों में रहने वाले व्यक्तियों के बीच या जो एक राज्य और दूसरे राज्य में रहने वाले व्यक्तियों के बीच हो, और (5) जिसमें कॉमनवेल्थ के किसी अधिकारी के विरुद्ध परमादेश या निषेधाज्ञा की याचिका दायर की गई है। धारा 76 के अनुसार, (1) जो संविधान के अधीन या उसके निर्वचन से संबंधित, (2) संसद द्वारा बनाए गए किसी भी कानून के अधीन उत्पन्न, (3) नौ अधिकरण या समुद्री क्षेत्र विषयक, और (4) विभिन्न राज्यों के कानूनों के अधीन उठाए गए समान विषयों से संबंधित सभी मामले आते हैं। अमरीका के संविधान के अनुच्छेद III (2) के अधीन अमरीका की न्यायिक शक्ति के अधीन (1) संविधान के अधीन कानून और पूरक न्याय, अमरीका के कानून, इनके तहत की गई या की जाने वाली संधियों से संबंधित सभी मामले, (2) राजदूतों और अन्य सार्वजनिक मंत्रियों और काउंसिलों को प्रभावित करने वाले सभी मामले, (3) नौ अधिकरण और