164 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
तक हो सकता है। मैं इसे मना नहीं करता। लेकिन जो बात मैं कह रहा हूं, वह यह है कि अगर आप मूल अधिकारों या अल्पसंख्यक अधिकारों, जो भी हों, उनके तहत लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना चाहते हैं, तब मैं यही कहूंगा कि शक्ति दी जानी चाहिए और मैं सभी प्रयोजनों के लिए यह कहता हूं कि यह शक्ति संघीय सरकार में निहित होनी चाहिए, जिससे संघीय न्यायालय के निर्णय कार्यान्वित किए जा सकें।
श्री जिन्नाः सिर्फ शक्ति ही नहीं निहित की जानी चाहिए, बल्कि इस शक्ति को अमल में लाने के लिए उनके हाथों में एक व्यवस्था भी होनी चाहिए।
डॉ. अम्बेडकरः इसके तहत उनके पास व्यवस्था होगी।
श्री जिन्नाः यह शक्ति संघीय सरकार में निहित की जा सकती है, लेकिन इस शक्ति को कार्यान्वित तभी किया जा सकता है, जब आपके पास इसे कार्यान्वित करने के लिए व्यवस्था भी हो।
डॉ. अम्बेडकरः फौज है।
श्री जिन्नाः ठीक है, और इसलिए अध्यक्ष ने यह भी सुझाव दिया, आपने शायद इस पर ध्यान नहीं दिया कि अंततः सम्राट (क्राउन) ही संघीय न्यायालय के निर्णयों और फैसलों को कार्यान्वित किए जाने के लिए उत्तरदायी होगा और यही वहां कहा गया है कि ‘क्राउन’ उत्तरदायी होगा, क्योंकि अब तक मैं यह समझता हूं कि स्थिति यह है कि सुरक्षा ‘क्राउन’ का विषय होगा। अध्यक्ष महोदय! क्या मैं सही हूं?
अध्यक्षः हां, यह जरूरी है।
डॉ. अम्बेडकरः लेकिन मैं जिस बात पर जोर दे रहा हूं, वह यह है कि अगर आप एक ओर संघीय सरकार और दूसरी ओर प्रांतीय सरकार, इन दोनों के बीच कार्यक्षेत्र का बंटवारा कर रहे हैं और अगर आप संघीय सरकार को सर्वोच्च न्यायाल के निर्णय को कार्यान्वित कराने के लिए विधायी या दूसरी शक्ति नहीं देते हैं, तब वह उनको कार्यान्वित नहीं करा सकेगी। मेरा यही निवेदन है।
श्री जयकरः लेकिन तब भी मुश्किल दूर नहीं होती। मेरा आशय सांप्रदायिक भावना से है, जो आप सोच रहे हैं। मुश्किल वहां भी दूर नहीं होती।
डॉ. अम्बेडकरः मैं भी इस बात से सहमत हूं कि शायद कहीं ज्यादा कठोर उपाय करने होंगे और जैसा कि हम जानते हैं, स्विस कनफेडरेशन में सेना तक का इस्तेमाल किया जाता है। स्विट्जरलैंड में संघीय न्यायालय के निर्णयों को लागू करने के लिए वहां की संघीय सरकार को सेना का इस्तेमाल करने का अधिकार दिया जाता है। मैं यहां यह निर्धारित नहीं करना चाहता कि अमुक उपाय अपनाए जाने चाहिए, लेकिन जो कुछ मैं कह रहा हूं, वह ऐसा ही है। अमरीका में जो दिक्कत पैदा हुई, वह यह है कि वहां संघीय सराकर के पास कोई शक्ति नहीं थी।
अध्यक्षः मैं मान रहा हूं, इसलिए वह कोई उत्तरदायित्व नहीं लेती।