संघीय ढांचा समिति
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और फौजदारी के मामलों में इन न्यायालयों की सेवाओं का उपयोग करने के लिए पर्याप्त प्रेरणा मिलेगी और वे कम तटस्थ रहेंगे। इसके परिणामस्वरूप हम इन देशी राज्यों के, जो भारत की भावी सरकार के अंग होंगे, न्याय-प्रबंध में प्रांतीय उच्च न्यायालयों की क्षमता को क्षति पहुंचाए बिना यथेष्ट सुधार ला सकेंगे। इस कारण से मैं सुझाव देता हूं कि प्रांतीय उच्च न्यायालय प्रशासन के निमित्त और वित्तीय दृष्टि से भी केंद्रीय विषय बना दिए जाएं। कलकत्ता उच्च न्यायालय प्रशासन के लिए केंद्रीय क्यों है? इसकी एक वजह तो यह है कि यह सिर्फ बंगाल प्रेसिडेंसी के लिए नहीं है। यह एक ऐसा न्यायालय है, जो बंगाल प्रेसिडेंसी और असम प्रांत, दोनों के लिए एक संयुक्त न्यायालय है। यही कारण था, जिससे साइमन कमीशन ने यह सिफारिश की थी कि यह व्यवस्था आगे भी जारी रहनी चाहिए और इसे दूसरे प्रांतों में भी लागू करना चाहिए। प्रस्तुत प्रस्ताव का क्यों स्वागत किया जाना चाहिए, मेरे विचार में उसका यही कारण है।
मुझे संघीय न्यायालय विषय पर बस इतना ही कहना था।
चौवालीसवीं बैठक - 2 नवंबर 1931
तीसरी रिपोर्ट के मसौदे पर बहस
डॉ. अम्बेडकरऽः मैं पैराग्राफ की आखिरी चार पंक्तियों पर आपका ध्यान आकृष्ट करता हूं। शुरू में इतना कहने के बाद बतौर सिफारिश उप-समिति की दूसरी रिपोर्ट के पैराग्राफ 34 में कहा गया हैः-
हम इन हितों में से पहले चार हितों के संबंध में कोई सिफारिश नहीं करते हैं,
क्योंकि इस विषय पर अल्पसंख्यक समिति द्वारा निर्णय लिया जाना है।
अध्यक्ष महोदय! इसका आशय यह नहीं है कि समिति इन हितों के प्रतिनिधित्व के बारे में तटस्थ है और मेरा ख्याल है कि दूसरी रिपोर्ट के चौंतीसवें पैराग्राफ में, जो राय दी गई है, उसमें भी ऐसा ही कोई भाव व्यक्त होता है। इसका आशय यही है कि यह उप-समिति प्रतिनिधित्व की सीमा या तरीके के बारे में कोई सिफारिश नहीं कर सकती। इसलिए अगर आप इस वाक्यांश में निम्नलिखित संशोधन कर दें, तो मैं कृतज्ञ होऊंगाः-
‘जहां तक उनके प्रतिनिधित्व की सीमा या विधि का संबंध है।’
श्रीमती सुब्बरायनः संभवतः आपको याद हो कि एक बैठक में मैंने विधान-मंडल में महिलाओं के प्रतिनिधित्व के लिए कुछ विशेष प्रावधान करने के बारे में विचार करने के लिए अनुरोध किया था और मैंने सुझाव दिया था कि इसे अल्पसंख्यक आयोग की रिपोर्ट के प्रकाशित होने तक स्थगित रखा जाना चाहिए। लेकिन कहीं यह विषय छूट न जाए, इसलिए मैं यह निवेदन करती हूं कि यहां इसके बारे में कुछ उल्लेख कर दिया जाना चाहिए और पैरा 28 में 9वीं पंक्ति में ‘हितों’ के बाद ये शब्द जोड़ दिए जाएंः
ऽ प्रोसीडिंग्स ऑफ दि फेडरल स्ट्रक्चर कमेटी एंड माइनॉरिटीज कमेटी, खंड 1, पृ. 882-83