9. संघीय संरचना समिति - Page 189

172 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

अध्यक्षः मैं डॉ. अम्बेडकर का कृतज्ञ हूं और मैं उन्हें पुनः विश्वास दिलाता हूं कि जब ये विषय संविधान में आएंगे तब ये सभी विषय संघीय न्यायालय के निर्वाचन क्षेत्र में जाएंगे।

श्री जयकरः यह ‘संवैधानिक’ शब्द में शामिल है।

* * * *

अध्यक्षऽः अब पैराग्राफ 62 लीजिए।

डॉ. अम्बेडकरः मेरा ख्याल है कि इस न्यायालय के दिल्ली में होने के बारे में सभी एकमत नहीं थे। मैं चाहता हूं कि इस मामले की जांच किसी समिति द्वारा की जानी चाहिए।

श्री जयकरः मैंने सुझाव दिया था कि यह किसी केंद्रीय स्थान में हो न कि दिल्ली में वह ऐसे स्थान पर हो जहां की जलवायु सारे वर्ष काम करने के मुताबिक हो और जहां पर न्यायालय सारे वर्ष, काम कर सकें।

श्री जफरुल्ला खांः विभिन्न पक्षों से सभी तरह के सुझाव आए थे, लेकिन मैं नहीं जानता कि किसी दूसरी जगह को इतना ज्यादा समर्थन प्राप्त है।

अध्यक्षः अब कृपया पैराग्राफ 63 और 64 लीजिए।

छियालीसवीं बैठक - 14 नवंबर, 1931

भावी प्रक्रिया पर विचार विमर्श

डॉ. अम्बेडकरऽऽः इस बारे में कि मेम्बर आर्मी और कमांडर-इन-चीफ के बीच किस प्रकार के संबंध होने चाहिए, मैं जानना चाहता हूं कि माननीय तेज बहादुर सपू्र के क्या विचार हैं। क्या कमांडर-इन-चीफ को मंत्री या मेम्बर के नियंत्रण और देखरेख के अधीन सिर्फ विभाग का अध्यक्ष होना चाहिए या आप उसे कुछ अधिकार भी देना चाहेंगे, जिसमें मेम्बर आर्मी को दखल करने का कोई अधिकार नहीं होगा?

माननीय तेज बहादुर सपू्रः मैं तफसील में नहीं जाना चाहता। लेकिन मैं मेम्बर आर्मी की स्थिति के बारे में जो कुछ सोचता हूं, वह यह है कि वह सामान्य नीति, वित्तीय या अन्य समस्याओं से संबंधित मामले देखेगा। लेकिन उसे तकनीकी या सेना से संबंधित प्रशासनिक मामलों को देखने का कोई अधिकार नहीं होगा और अगर उसके पास ऐसे अधिकार हों भी तो वह इतना समझदार तो होगा ही कि वह इन अधिकारों का प्रयोग नहीं करेगा। मेरी इस बारे में कोई निजी जानकारी नहीं है लेकिन मैं अपने ब्रिटिश सहयोगियों से यह अपील करूंगा कि वह यह बताने की कृपा करें कि इंग्लैंड में इस संबंध में ठीक-ठीक स्थिति क्या है? वहां सैक्रेटरी ऑफ स्टेट फॉर वार के पास संभवतः सेना के आंतरिक अनुशासन में दखल देने का कोई अधिकार नहीं है। लेकिन वह नीति के महत्त्वपूर्ण प्रश्नों को देखता है। मैं आपकी सेना के इतिहास में ड्यूक ऑफ कैंब्रिज काल को नहीं भूल सकता।

ऽ प्रोसीडिंग्स ऑफ दि फेडरल स्ट्रक्चर कमेटी एंड माइनॉरिटीज कमेटी, खंड 1, पृ. 922

ऽऽ वही, पृ. 979