11. भारतीय संवैधानिक सुधार विषयक संयुक्त समिति के समक्ष लिया गया साक्ष्य - Page 214

भारतीय संवैधानिक सुधार समिति

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माननीय पी.जे. फगनः नहीं, मैं नहीं समझता ऐसे पर्याप्त आधार हैं कि इस कथन से सहमत हुआ जा सके। निस्संदेह, यदि ऐसा हो तो अच्छा होगा_ इन संघों के पास इस कथन से सहमत होने के लिए पर्याप्त आधार नहीं है उनका दृष्टिकोण अचानक बदल जाएगा।

384. डॉ. भीमराव अम्बेडकरः क्या आप इस तथ्य को नहीं समझते कि आप भारतीय विधान-मंडल के नियंत्रण से बाहर रहना चाहते हैं और नई सरकार स्वयं ऐसा कोई काम करेगी, जो आपके खिलाफ जनमत खड़ा करने के लिए काफी होगा।

श्री डब्ल्यू. एच. शूबर्टः महोदय! हम नियंत्रण से बाहर रहना नहीं चाहते। हम केवल यह चाहते हैं कि हमें वर्तमान अधिकार, हमारी पेंशन और हमारी परिवारिक पेंशन सुरक्षित रखे जाएं। हमारी किंचित मात्र अभिलाषा नहीं है कि हम नियंत्रण से बाहर रहें।

385. डॉ. भीमराव अम्बेडकरः उदाहरण के लिए मान लीजिए, आपको उन सब अधिकारों की गारंटी जो इस सम्मेलन में भारतीय सिविल सेवकों के विधि सम्मत अधिकार के रूप में तय कर लिए जाएं, स्थानीय और केन्द्रीय विधान-मंडलों द्वारा पारित अधिनियमों के अधीन भारतीय विधान-मंडलों द्वारा दे दी जाए, तो क्या इससे आपको पर्याप्त संरक्षण मिल जाएगा?

माननीय पी.जे. फगनः हम वित्तीय स्थिति के बारे में आशंकित हैं।

386. डॉ. भीमराव अम्बेडकरः यह दूसरी बात है। भारतीय विधान-मंडल आपकी सेवाओं और अन्य विषयों के लिए धन जुटा पाएगा अथवा नहीं, यह एक अलग बात है?

माननीय पी.जे. फगनः ठीक है।

387. डॉ. भीमराव अम्बेडकरः किन्तु आपकी सेवा शर्तों के बारे में से जिस बात पर जोर देना चाहता हूं वह यह हैः मान लीजिए, वे भारतीय विधान-मंडलों के अधिनियमों (सेक्रेटरी आफ स्टेट इन कौंसिल द्वारा बनाए गए नियमों) द्वारा विनियमित की जाएं, तो आप के विचार में इससे आपको पर्याप्त संरक्षण मिल सकेगा या नहीं?

माननीय पी.जे. फगनः नहीं।

श्री डब्ल्यू. एच. शूबर्टः ऐसे अधिनियम भावी राष्ट्रवादी सरकारों द्वारा रद्द किए जा सकते हैं।

388. डॉ. भीमराव अम्बेडकरः मान लीजिए, ऐसा उपबंध कर दिया जाए कि कोई अधिनियम अकस्मात निरस्त नहीं होगा?

माननीय पी.जे. फगनः मेरे विचार में, मैं यह कह सकता हूं कि संघ इसे निश्चय ही पर्याप्त संरक्षण नहीं मानेंगे।

389. डॉ. भीमराव अम्बेडकरः मैं यह बात कहना चाहता हूं, जिसे आपने एक बहुत बड़ा मुद्दा बना लिया है कि भारत में पे्रस तथा राजनीतिज्ञों दोनों की ओर से आपका