11. भारतीय संवैधानिक सुधार विषयक संयुक्त समिति के समक्ष लिया गया साक्ष्य - Page 229

212 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

है।

  1. डॉ. भीमराव अम्बेडकरः मैं आपसे एक और प्रश्न पूछना चाहता हूं! क्या यह एक वास्तविकता नहीं है कि वर्तमान सरकार सामाजिक सुधार के विधायी कार्यक्रम बनाने में धीमी गति से काम कर रही है?

माननीय माइकल ओ डायरः हां, मैं समझता हूं कि सरकार समग्रतः ऐसा कोई काम करने में संकोच करती है, जिसका यह अर्थ या गलत अर्थ न लगाया जाए कि धार्मिक रीति-रिवाजों में हस्तक्षेप किया जा रहा है।

  1. डॉ. भीमराव अम्बेडकरः क्या आप यह नहीं मानेंगे कि भारतीय जनता की अधिकांश अदक्षता उन्हीं सामाजिक बुराइयों के कारण है?

माननीय माइकल ओ डायरः मेरे विचार में मोटे तौर पर उसी वजह से है।

  1. डॉ. भीमराव अम्बेडकरः और इसीलिए जो सरकार भारतीय जनता की सामाजिक अदक्षता के कारणों को दूर करने हेतु विधायी सुधार के कार्यक्रम अपनाने में संकोच करती हो, वह एक कमजोर सरकार है?

माननीय माइकल ओ डायरः मैं यह नहीं कहूंगा कि सरकार संकोच करती है। सरकार तब तक संकोच करती है, जब तक कि वह यह महसूस न करे कि उसे अपने पक्ष में विशाल जन-समूह का समर्थन प्राप्त है। मैं समझता हूं कि इसी आधार पर सरकार ने सर्वेक्षण अधिनियम का समर्थन किया था।

  1. डॉ. भीमराव अम्बेडकरः हां, किन्तु मुख्य रूप से, इसके विधायी कार्यक्रम बहुत कमजोर रहे हैं।

माननीय माइकल ओ डायरः हां, क्योंकि भारत जैसे देश में विधान कभी भी जनमत से बहुत पहले नहीं बनाया जा सकता। जब सरकार ने पहली बार इस प्रकार का विधान बनाया था, तो श्री तिलक ने उसका तुरंत विरोध किया था और कहा था कि सरकार धर्म में हस्तक्षेप कर रही है। परिणामस्वरूप दक्षिण क्षेत्र में आंदोलन हुए और नरसंहार हुआ।

  1. डॉ. भीमराव अम्बेडकरः सरकार श्री तिलक जैसे अकेले व्यक्ति से भयभीत है?

माननीय माइकल ओ डायरः तिलक अकेले नहीं थे, उनमें लोगों को अपने साथ मिलाने की अद्भुत शक्ति थी।

  1. डॉ. भीमराव अम्बेडकरः क्या भारत के लोग श्री तिलक से भयभीत नहीं होंगे?

माननीय माइकल ओ डायरः मैं समझता हूं कि वे होंगे। मेरे विचार में बहुत कम लोग श्री तिलक के मुकाबले खड़े हो पाएंगे। लॉर्ड सीडेन्हम ऐसे ही एक थे।

  1. डॉ. भीमराव अम्बेडकरः आपने कहा कि आप फिलहाल विधि और व्यवस्था का विषय हस्तांतरित नहीं करेंगे। आप विधि और व्यवस्था को हस्तांतरित करने से पहले अन्य सभी का हस्तांतरण कर देंगे और केन्द्र में कोई परिवर्तन नहीं करेंगे। क्या आप