भारतीय संवैधानिक सुधार समिति
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रूप में ब्रिटिश राष्ट्रिक के अधिकार प्रभावित नहीं होने चाहिएं। हम वास्तव में जो कुछ कहना चाहते हैं, वह यह है कि हम ब्रिटिश राष्ट्रीयता वाले सभी व्यक्तियों के लिए जब वे भारत में अस्थाई तौर पर या अन्यथा निवास करते हों, उनके वे सब अधिकार परिरक्षित किए जाएं, ‘जिनके लिए उसी प्रकार निवास करने वाली सम्राट की भारतीय प्रजा हकदार है’, और हम ऐसी कोई विधि पारित किए जाने के लिए कोई विनियम या नियम बनाए जाने को रोकना चाहते हैं, जिसका परिणाम इन अधिकारों को सीमित करना हो या छीनना हो। यही उस पैरे का संपूर्ण उद्देश्य है। हमें भारतीय नागरिकता निर्धारित करने के बारे में लेशमात्र भी आपत्ति नहीं है।
डॉ. भीमराव अम्बेडकरः अध्यक्ष महोदय! क्या यह श्री गाविन जोन्स के उन सुझावों के बारे में है, जो उन्होंने रखा है वैसा ही प्रश्न पूछने के लिए है, किन्तु यदि ऐसा नहीं है तो मैं इस मुद्दे को जारी नहीं रखूंगा।
अध्यक्ष ः यदि डा. अम्बेडकर मेरा निजी मत पूछ रहे हैं, तो कदाचित यह विषय इस प्रक्रम पर उतना महत्वपूर्ण नहीं है, जितना कि इसके लिए समय लिया गया है।
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माननीय जोन पेरोनट थामसन, के.सी.एस.आई., के.सी.आई.ई., माननीय एल्फ्रेड
वाट्सन और श्री एडवर्ड विलियर्स
- डॉ. भीमराव अम्बेडकरऽः केवल एक प्रश्न, माननीय जोन थाम्सन! कल आपने प्रांतों की वित्तीय स्थिति के रक्षा उपाय के लिए कुछ उपबंध करने के बारे में एक प्रश्न उठाया था और दृष्टांत के रूप में आपने यह कहा था कि वर्तमान परिस्थितियों के अंतर्गत पानी की दर जो प्रांतीय राजस्व का बहुत बड़ा हिस्सा है, कार्यपालिका के आदेश से बदली जा सकती है-मैं समझता हूं कि आपने कल यही कहा था?
माननीय जोन पी. थामसनः हां।
- डॉ. भीमराव अम्बेडकरः क्या यह एक तथ्य नहीं है कि लंबे अर्से से भारतीय इस बात के लिए आंदोलन कर रहे हैं कि यह सब कराधान जो केवल कार्यपालिका के आदेश द्वारा किया जाता है-और, जैसा कि आप जानते हैं, भू-राजस्व भी कार्यपालिका के आदेश से ही वसूल किया जाता है-आगे कार्यपालिका के आदेश द्वारा वसूल नहीं किया जाना चाहिए, अपितु विधायी कानूनों के द्वारा किया जाना चाहिए?
माननीय जोन पी. थामसनः निश्चय ही, जहां तक भू-राजस्व का संबंध है, इस आशय का आंदोलन हुआ है। मुझे पुख्ता विश्वास नहीं है कि यह सिंचाई की दरों के संबंध में कहां तक सच है।
- माननीय तेज बहादुर सप्रूः क्या मैं यह कह सकता हूं कि यह तथ्य है कि भू-राजस्व कार्यपालिका के आदेश द्वारा वसूल नहीं किया जाता। उनकी सोच संभवतः
ऽमिनिट्स आफ एविडेंस, खंड 2-क, 6 जुलाई 1933, पृ. 540