218 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
यह है कि भू-राजस्व निर्धारण कार्यपालिका के आदेशों द्वारा किए जाते हैं?
माननीय जोन पी. थामसनः जी हां।
- डॉ. भीमराव अम्बेडकरः और एक सिफारिश की गई थी कि यह सब राशि जो कार्यपालिका के आदेश द्वारा संग्रहीत की जाती है, अब और आगे कार्यपालिका के आदेश द्वारा संग्रहीत न की जाए, बल्कि कानूनन की जाए?
माननीय जोन पी. थामसनः मुझे इसकी जानकारी नहीं है।
डॉ. भीमराव अम्बेडकरः उसे अभी प्रभावी रूप नहीं दिया गया है।
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चार्ल्स इन्नस, के.सी.एस.आई., सी.आई.ई.
- डॉ. भीमराव अम्बेडकरऽः सर चार्ल्स, आपने दूसरे सदनों के बारे में काफी जोर दिया था?
माननीय चार्ल्स इन्नसः जी हां।
- डॉ. भीमराव अम्बेडकरः आपने जो कारण दिया था, वह यह था कि इससे विशेष अधिकारों के लगातार प्रयोग की आवश्यकता कम हो जाएगी?
माननीय चार्ल्स इन्नसः नहीं, मुझे नहीं पता कि मैंने यह कहा था कि इससे आवश्यकता कम हो जाएगी। मैंने कहा था कि इससे विशेष अधिकार और भी प्रबल हो जाएंगे और मैंने आशा की थी कि दूसरे सदन के अस्तित्व से विशेष अधिकारों का प्रयोग करना अनावश्यक हो जाएगा, अथवा बहुत कम हो जाएगा, क्योंकि कोई नहीं चाहता कि उनका प्रयोग हो।
- डॉ. भीमराव अम्बेडकरः आपकी स्थिति ऐसी नहीं है कि आप विशेष अधिकारों को दूसरे सदन में रखना चाहेंगे?
माननीय चार्ल्स इन्नसः जी नहीं।
- डॉ. भीमराव अम्बेडकरः जो दूसरा प्रश्न मैं पूछना चाहता हूं, वह यह है कि मैं समझता हूं कि आज प्रातः आपने कहा था कि इन विशेष उत्तरादायित्वों में कुछ भी ऐसा मान्य नहीं है और यह कि आपने डोमीनियनों के कुछ संविधानों में इन्हें पाया है?
माननीय चार्ल्स इन्नसः मैंने कहा था कि रक्षोपायों में कोई नई बात नहीं है। मेरे विचार में, यही सही-सही मेरे शब्द थे।
- डॉ. भीमराव अम्बेडकरः मैं आपसे यह पूछना चाहता हूं कि क्या डोमीनियनों के संविधानों में उल्लिखित उन रक्षोपायों और श्वेत-पत्र के उपबंधों में यह अंतर नहीं है? क्षमा करें, मैं इस प्रश्न को संक्षेप में नहीं रख सकता, क्योंकि इसे रखने से पहले मैं यह समझता हूं कि उस स्थिति का कुछ स्पष्टीकरण मुझे देना होगा। मेरे विचार में, उत्तरदायी सरकार के अंतर्गत यह कभी नहीं समझा जाता (कम से कम मैं नहीं समझता)
ऽमिनिट्स आफ एविडेंस, खंड 2-क, 6 जुलाई 1933, पृ. 573.74