11. भारतीय संवैधानिक सुधार विषयक संयुक्त समिति के समक्ष लिया गया साक्ष्य - Page 241

224 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

अवधि शामिल करना आवश्यक होगा?

माननीय एडवर्ड बेन्थलः हां।

  1. डॉ. भीमराव अम्बेडकरः आपने यह नहीं कहा कि इसमें जाति, पंथ या धर्म पर आधारित अंतर भी नहीं होना चाहिए। यदि इस पैरा को हर प्रकार के विभेद के खिलाफ प्रभावी किया जाना है, तो ऐसा करना होगा।

माननीय एडवर्ड बेन्थलः मेरे विचार में, जो बात हमने इस पैरे के उत्तरार्द्ध के संबंध में कही थी वह वर्ग 6 के अंतर्गत पैरा 6 में अंतर्विष्ट है। हम नहीं चाहते कि यह यूरोपीयों द्वारा भूमि, खेतिहरों और ऐसे लोगों को लेने से रोकने के लिए लागू हो।

  1. डॉ. भीमराव अम्बेडकरः किन्तु जैसा कि मैंने कहा, आपके प्रयोजन को प्रभावी रूप देने के लिए यदि यह आवश्यक होगा, तो आपका यह कहना है कि वह अंतर जाति, पंथ, मूल वंश या धर्म पर आधारित नहीं होगा?

माननीय एडवर्ड बेन्थलः हां, यह कानूनी प्रारूपण का विषय है।

(9)

भारतीय महिलाओं के मताधिकार की ब्रिटिश समिति की ओर से

लेडी लेटन, श्रीमती ओस्ट्रेसी और माननीय फिलिप

ग 67. डॉ. भीमराव अम्बेडकरऽः मैं एक प्रश्न पूछना चाहूंगा। मुझे नहीं पता कि आप मुझसे सहमत हैं या नहीं, लेकिन मैं यह मानता हूं कि जब आप स्त्रियों के लिए मताधिकार पर जोर देते हैं, तो मैं समझता हूं कि आप यह भी चाहते हैं कि मताधिकार की व्यवस्था इस प्रकार की जाए कि जो महिलाएं मताधिकार के लिए दर्ज की जाएंगी, वे भारतीय समाज के हर वर्ग से लेनी होंगी, न कि आवश्यक रूप से अनन्यतः उच्च वर्ग से अथवा मध्य वर्ग से या निम्न वर्ग से 1 और निर्वाचक सूची में स्त्रियों का उन समुदायों से कुछ अनुपात अवश्य होना चाहिए, जिनसे वे ली जाएं?

लेडी लेटनः जहां तक व्यावहारिक दृष्टि से संभव हो, निश्चय ही।

ग 68. डॉ. भीमराव अम्बेडकरः मेरा मतलब है कि आपका यह पक्ष-कथन नहीं है कि आप 1ः 4 या 1ः 5 का गणितीय अनुपात चाहती हैं, लेकिन उस अनुपात के अलावा आप यह भी चाहेंगी कि सभी वर्गों की सभी स्त्रियों के नाम रजिस्टर में दर्ज होने चाहिएं?

लेडी लेटनः जहां तक संभव हो, हम यह महसूस करना चाहती हैं कि शहरी और ग्रामीण मतदाता तथा विभिन्न वर्गों का पर्याप्त रूप से प्रतिनिधित्व होगा।

ग 69. डॉ. भीमराव अम्बेडकरः मैं यह मानता हूं कि आप इससे भी सहमत होंगे कि यदि शैक्षिक योग्यता अथवा संपत्ति की उच्च योग्यता निर्धारित की गई, तो उसका

ऽ मिनिट्स ऑफ एविडेंस, खंड 2-ग, 26 जुलाई 1933, पृ. 2276