11. भारतीय संवैधानिक सुधार विषयक संयुक्त समिति के समक्ष लिया गया साक्ष्य - Page 245

228 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

राजकुमारी अमृत कौरः लेकिन हिंदू घरों में पति पत्नी का नाम लिए जाने पर आपत्ति कर सकता है।

* * * *

ग 342. डॉ. भीमराव अम्बेडकरः मेरे विचार में माननीय हरी सिंह गौड़ द्वारा उठाए गए प्रश्न का मुद्दा यह नहीं था कि क्या हिंदू पति अथवा मुसलमान पति की ओर से उसकी पत्नी का नाम लेने पर कोई मानसिक आपत्ति है। मेरे विचार में मुद्दा यह था कि दोनों में से कौन, या कोई एक उस प्रकार की जांच पर आपत्ति करेगा जो एक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी को करनी होगी?

राजकुमारी अमृत कौरः मैं नहीं समझती कि रजिस्ट्रीकरण अधिकारी को किस प्रकार की जांच करनी होगी।

डॉ. भीमराव अम्बेडकरः वह इस प्रकार होगी, ‘क्या आपकी पत्नी है और यदि आपकी पत्नी है, तो उसका नाम क्या है?’

माननीय हरी सिंह गौड़ः और ‘आपकी कितनी पत्नियां हैं?’

डॉ. भीमराव अम्बेडकरः मुद्दा यह है कि रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, जो जांच करेगा, उस पर आपत्ति कौन करेगा?

मारक्वेस ऑफ लोथियनः ‘क्या वह 21 से ऊपर है?’

डॉ. भीमराव अम्बेडकरः इसी प्रकार का प्रश्न है।

ग 343. अध्यक्षः अब साक्षी बीच में उत्तर देने का भी ध्यान रखें। यदि आपके कोई विचार हैं, तो आप डॉ. अम्बेडकर के सुझाव का उत्तर दें?

राजकुमारी अमृत कौरः हां, मैं केवल यह कह सकती हूं कि इस प्रकार के प्रश्न पर किसी को भी कोई आपत्ति मेरे विचार में नहीं होगी। ऐसी मानसिकता मेरी समझ में नहीं आती, जिसमें इस प्रकार का सवाल किया जाए। यह मुझे पूरी तरह दुर्बोध प्रतीत होता है।

ग 344. अध्यक्षः क्या आप इस उत्तर से सहमत हैं, श्रीमती हामिद अली? क्या आप यह मानती हैं कि कोई कठिनाई नहीं होगी?

श्रीमती हामिद अलीः मेरे विचार में यह इस बात पर निर्भर करेगा कि इस प्रकार का सवाल किस ढंग से और किस लहजे में पूछा जाता है। आम तौर पर यदि इस प्रकार का सवाल सद्भावपूर्वक और बिना किसी दुराशय से पूछा जाता है, तो कोई भी बुरा नहीं मानेगा।

* * * *

ग 346. डॉ. भीमराव अम्बेडकरः मैं श्रीमती हामिद अली से एक और सवाल पूछना चाहता हूं। आप बंबई की हैं। आप जानती हैं कि कुछ ऐसे अलग वार्ड हैं, जहां सारे क्वार्टर मुसलमानों के हैं। अपने अनुभव से क्या वास्तव में आप सोचती हैं कि निर्वाचन