भारतीय संवैधानिक सुधार समिति
शर्त पर हम इसे स्वीकार करेंगी।
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ग 369. डॉ. भीमराव अम्बेडकरः मैं दो बातें अच्छी तरह समझ गया। आप चाहती हैं कि फिलहाल महिलाओं के लिए कुछ स्थान आरक्षित कर दिए जाएं?
राजकुमारी अमृत कौरः हम आरक्षण के हमेशा खिलाफ रही हैं।
ग 370. डॉ. भीमराव अम्बेडकरः दूसरी बात जो मैं समझ पाया हूं - यदि मैं गलत कहूं तो मुझे बता दें - यह है कि आप अप्रत्यक्ष निर्वाचन की किसी भी पद्धति से संघ के निचले सदन में स्त्रियों के प्रतिनिधित्व के लिए उपबंध नहीं चाहतीं। यही आपका दूसरा मुद्दा है?
राजकुमारी अमृत कौरः जी हां।
ग 371. डॉ. भीमराव अम्बेडकरः मैं आपसे यह पूछना चाहता हूं कि . . .?
राजकुमारी अमृत कौरः आपका कहना है कि हम आरक्षण चाहती हैं, मैं आपसे कह चुकी हूं कि हम हमेशा आरक्षण के खिलाफ रही हैं।
ग 372. डॉ. भीमराव अमबेडकरः आप कतई कोई आरक्षण नहीं चाहतीं?
राजकुमारी अमृत कौरः हमने हमेशा यही कहा है कि हम आरक्षण नहीं चाहतीं, लेकिन मेरा कहना है, यदि हम पर आरक्षण जबरदस्ती लादा गया, जैसे अनेक चीजें हमारी इच्छा के खिलाफ लादी गई हैं, तो वह एकमात्र शर्त जिस पर हम अपने संगठनों को आरक्षण स्वीकार करने की सिफारिश करेंगी, निश्चित रूप से यह होगी कि वे संयुक्त निर्वाचक-मंडलों और प्रत्यक्ष निर्वाचन की प्रणाली के माध्यम से होंगे, और यदि स्थान पूरी तरह गैर-सांप्रदायिक आधार पर होते हैं तो यह कहना होगा कि हमें अपनी पसंद की महिलाओं को खड़ा करने का अधिकार होगा।
ग 373. डॉ. भीमराव अम्बेडकरः यदि यह विषय आपकी पसंद पर छोड़ दिया जाए, तो आप संघ के निचले सदन में इस रूप में स्त्रियों के लिए कोई स्थान निश्चित नहीं करना चाहेंगी?
राजकुमारी अमृत कौरः निश्चय ही नहीं।
ग 374. डॉ. भीमराव अम्बेडकरः ऐसा होता है, तो क्या आप संयुक्त निर्वाचन-मंडल और प्रत्यक्ष निर्वाचन-पद्धति के आधार पर ही ऐसा चाहेंगी?
राजकुमारी अमृत कौरः हां, प्रत्यक्ष निर्वाचन और गैर-सांप्रदायिक आधार पर।
ग 375. डॉ. भीमराव अम्बेडकरः आइए, गैर-सांप्रदायिक आधार की बात करें। क्या आप चाहती हैं कि एक निर्वाचन-क्षेत्र विशेष में प्रत्यक्ष निर्वाचन हेतु केवल महिलाएं हों?
राजकुमारी अमृत कौरः नहीं, हम चाहती हैं कि स्त्री-पुरुष, दोनों हों।
ग 376. डॉ. भीमराव अम्बेडकरः आप चाहती हैं कि यह निर्वाचन-क्षेत्र एक प्रकार