भारतीय संवैधानिक सुधार समिति
लिए पूना गए थे?
247
डॉ. मुंजेः हां।
- डॉ. भीमराव अम्बेडकरः क्योंकि उन्होंने यह सोचा था कि इस विषय पर चर्चा करते हुए महात्मा गांधी के निकट रहना बहुत वांछनीय होगा, उप-समिति के विचार-विमर्श के फलस्वरूप पूना में महात्मा गांधी की सहमति से पूना समझौता हुआ था?
डॉ. मुंजेः हां।
- डॉ. भीमराव अम्बेडकरः इसके बाद उस मूल हिंदू समिति की जिसने यह उप-समिति नियुक्त की थी, 25 सितंबर को बंबई में पुनः बैठक हुई?
डॉ. मुंजेः हो सकता है। मैं उपस्थित नहीं था।
- डॉ. भीमराव अम्बेडकरः उस बैठक में समझौते पर मतदान करवाया गया था और वह पारित हो गया था। क्या ऐसा नहीं है?
डॉ. मुंजेः मुझे खुशी है कि डॉ. अम्बेडकर ने उस सब विवरण को स्पष्ट करने का मौका दिया है।
- डॉ. भीमराव अम्बेडकरः क्या आपको यह अपनी जानकारी से विदित है?
डॉ. मुंजेः जो बातें मैं व्यक्तिगत रूप से जानता हूं उनका विवरण मैं दे सकता हूं।
- डॉ. भीमराव अम्बेडकरः मैं आपसे यह जानना चाहता हूं कि क्या आपको मालूम है कि पूना में अपना काम खत्म करने के बाद उप-समिति वापस बंबई आ गई और उसने जो कुछ किया था, उसकी रिपोर्ट हिंदुओं के मुख्य सम्मेलन को दी जिसने उस उप-समिति को नियुक्त किया था?
डॉ. मुंजेः उसने जरूर ऐसा किया होगा।
- डॉ. भीमराव अम्बेडकरः मैं श्री गवई से एक प्रश्न पूछूंगा, जो मैं समझता हूं, वहां थे। श्री गवई, आपने उन चर्चाओं में भाग लिया था, जिनके परिणामस्वरूप पूना समझौता हुआ था?
श्री गवईः हां।
- डॉ. भीमराव अम्बेडकरः मैं बदले की भावना से यह नहीं पूछ रहा हूं, किन्तु आप उस समय राजा-मुंजे समझौता पार्टी में थे।
श्री गवईः हां।
- डॉ. भीमराव अम्बेडकरः आप पूना में उपस्थित थे?
श्री गवईः हां, मैं उपस्थित था।
- डॉ. भीमराव अम्बेडकरः जब समझौते पर हस्ताक्षर किए गए थे, तो उप-समिति वापस बंबई आ गई और उसने पं. मालवीय की अध्यक्षता में एक बैठक की और पूना