11. भारतीय संवैधानिक सुधार विषयक संयुक्त समिति के समक्ष लिया गया साक्ष्य - Page 265

248 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

समझौते को अनुमोदित करते हुए संपूर्ण उप-समिति ने संकल्प पारित किया?

श्री गवईः हां।

डॉ. मुंजेः डॉ. अम्बेडकर ने जो सवाल मुझसे पूछे हैं, क्या मैं उनके बारे में कुछ कहूं?

अध्यक्षः मेरे विचार में समिति डॉ. अम्बेडकर की जांच के निष्कर्ष सुनना पसन्द करेगी। डॉ. मुंजे हम आपका स्पष्टीकरण बाद में सुनेंगे?

  1. डॉ. भीमराव अम्बेडकरः उप-समिति नियुक्त हो जाने के बाद समिति श्री गांधी से इस विषय पर चर्चा के लिए पूना गई थी और हिंदू महासभा का एक अधिवेशन 24 से 26 सितंबर 1932 के बीच दिल्ली में आयोजित हुआ था?

डॉ. मुंजेः हां।

  1. डॉ. भीमराव अम्बेडकरः क्या पं. मालवीय की अध्यक्षता में?

डॉ. मुंजेः नहीं, श्री एन.सी. केलकर की अध्यक्षता में।

  1. डॉ. भीमराव अम्बेडकरः दिल्ली की उस बैठक में श्री रामानन्द चटर्जी उपस्थित थे?

डॉ. मुंजेः हां।

  1. डॉ. भीमराव अम्बेडकरः दिल्ली में हिंदू महासभा की उस बैठक में राजा नरेन्द्र नाथ भी उपस्थित थे?

डॉ. मुंजेः हां।

  1. डॉ. भीमराव अम्बेडकरः क्या यह सही नहीं है कि दिल्ली अधिवेशन में हिंदू महासभा ने इस समझौते का अनुमोदन किया था?

डॉ. मुंजेः हां। इस बारे में कोई संदेह नहीं है।

  1. डॉ. भीमराव अम्बेडकरः श्री रामानन्द चटर्जी बंगाल के सवर्ण हिंदुओं के प्रमुख सदस्य हैं?

डॉ. मुंजेः हां।

  1. डॉ. भीमराव अम्बेडकर ः और हिंदू महासभा के भी बहुत विख्यात सदस्य?

डॉ. मुंजेः हां।

डॉ. जे. बनर्जीः मैं यह बताना चाहूंगा कि वह बिल्कुल भी सवर्ण हिंदू नहीं हैं, वह अवर्ण हिंदू हैं। वह ब्रह्मे हैं।

  1. मारक्वेस ऑफ जैटलैंडः मैंने देखा था, इससे पहले साक्ष्य में गलत छपा था। यह एक बहुत स्वाभाविक भूल है। माननीय रवीन्द्रनाथ टैगोर को ‘ब्रह्म’ कहा गया था,