भारतीय संवैधानिक सुधार समिति
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जो कि सवर्ण हिंदू से भिन्न हैं। साक्ष्य में ब्रह्म शब्द ब्राह्मण बन गया, जो वहां हिंदुओं की सर्वोच्च जाति है। यही हुआ श्री रामानन्द चटर्जी के बारे में। वह ब्रह्म हैं, न कि ब्राह्मण। क्या ऐसा नहीं है?
श्री जे. बनर्जीः हां।
- श्री जफरुल्ला खांः हम जो बैठे हैं इस तरफ, वास्तव में इसकी बारीकियों को नहीं जानते, इसलिए इसे समझना चाहते हैं। ब्राह्मण या गैर-ब्राह्मण जन्म से होते हैं।
यह सवाल कि कौन डॉ. मुंजे ब्राह्मण जाति के हैं, फिर भी हो सकता है, वह जाति के संबंध में अपनी धारणाओं की हमें जानकारी दें?
श्री जे. बनर्जीः यदि कोई व्यक्ति भिन्न धर्म अपना लेता है, तो वह हिंदू नहीं रहता।
- श्री एम.आर. जयकरः क्या इस बारे में मैं एक प्रश्न पूछ सकता हूं?
आपका अभिप्राय यह तो नहीं है कि एक आदमी ब्रह्म है, इसलिए वह हिंदू नहीं रहा?
श्री जे. बनर्जीः निश्चय ही, वह धर्म से हिंदू नहीं रहता। वह गैर-हिंदू है। जब वह विवाह करता है, तो उसे अपने आपको गैर-हिंदू बताना होता है।
- श्री एम.आर. जयकरः मैं विवाह विधि या इस प्रकार की किसी चीज के संबंध में नहीं बोल रहा हूं। बल्कि क्या हिंदू के नाते आपका कहना है कि यदि कोई ब्राह्मण धर्म से ब्रह्म हो जाता है, तो वह हिंदू अथवा ब्राह्मण नहीं रहता?
श्री जे. बनर्जीः निश्चय ही, वह ब्राह्मण नहीं रहता।
- डॉ. भीमराव अम्बेडकरः डॉ. मुंजे, श्री रामानन्द चटर्जी ब्रह्म हैं या हिंदू। इस सवाल के अलावा, वह हिंदू महासभा के आंदोलन में बहुत सक्रिय भाग लेते रहे हैं?
डॉ. मुंजेः हां।
- डॉ. भीमराव अम्बेडकरः वह हिंदू हितों के कट्टठ्ठर समर्थक रहे हैं?
डॉ. मुंजेः हां।
- डॉ. भीमराव अम्बेडकरः राजा नरेन्द्र नाथ पंजाब के हैं?
डॉ. मुंजेः हां।
- डॉ. भीमराव अम्बेडकरः वह स्थानीय हिंदू महासभा के अध्यक्ष हैं?
डॉ. मुंजेः वह हिंदू महासभा के भी अध्यक्ष हैं। अध्यक्ष महोदय! क्या मैं अपनी बात स्पष्ट कर सकता हूं?
- अध्यक्षः यदि आप ठीक समझें?
डॉ. मुंजेः बंबई की बैठक में मुझे पं. मालवीय ने बुलाया था, जब वहां बैठक हो