11. भारतीय संवैधानिक सुधार विषयक संयुक्त समिति के समक्ष लिया गया साक्ष्य - Page 271

254 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

  1. डॉ. भीमराव अम्बेडकरः मैं नाम बता सकता हूं। यह नाम उस चर्चा के दौरान दिए गए थे, जो 14 मार्च 1933 को बंगाल विधान-सभा में हुई थी।

श्री बी.सी. चटर्जीः क्या आप कृपया वे नाम बताएंगे?

  1. डॉ. भीमराव अम्बेडकरः उस मुद्दे पर कोई भी विरोध नहीं था?

श्री बी.सी. चटर्जीः उस समय मैं इंग्लैंड में था।

  1. डॉ. भीमराव अम्बेडकरः मैं श्री मलिक के भाषण से उद्धृत कर रहा हूं। उन्होंने बंगाल विधान-परिषद में दलित वर्गों का प्रतिनिधित्व किया था। उन्होंने कहा था --।

श्री जे. बनर्जीः वह नामजद सदस्य हैं, न कि निर्वाचित प्रतिनिधि, मैं इस बात को साफ करना चाहता हूं।

  1. डॉ. भीमराव अम्बेडकरः वह दलित वर्गों के प्रतिनिधि हैं।

श्री जे. बनर्जीः और वह पहले दो बार एक निर्वाचन-क्षेत्र से हार चुके हैं।

  1. डॉ. भीमराव अम्बेडकरः जो बात मैं कह रहा हूं, उस पर इससे कोई अंतर नहीं पड़ता। मेरा मुद्दा यह है कि क्या बंगाल के कुछ एवस्थित थे या नहीं। या वक्तव्य बंगाल के दलित वर्ग के उस सदस्य द्वारा जिसने पूना समझौते की वकालत की थी, भाषण के दौरान बंगाल विधान-परिषद की कार्यवाहियों में दिया गया थाः ‘हम जानते हैं कि पं. मालवीय, माननीय तेजबहादुर सप्रू, श्री एम.आर. जयकर, श्री राजगोपालाचारी जैसे लोगों के अलावा हिंदू मिशन के स्वामी सत्यानन्द, अमृत समाज के बाबू हरिदास मजूमदार, एम.ए.बी.एल., मिदनापुर के बाबू प्रमथनाथ बनर्जी, एम.एल.सी., खादी प्रतिष्ठान के बाबू एस.सी. दासगुप्ता जैसे व्यक्ति वहां थे?’

श्री जे. बनर्जीः एक को छोड़कर उनमें से कोई भी पूना में उपस्थित नहीं था।

डॉ. भीमराव अम्बेडकरः वह वक्तव्य परिषद में दिया गया था।

  1. श्री जे. बनर्जीः क्या आप मुझे बोलने की अनुमति देंगे?

डॉ. भीमराव अम्बेडकरः जब मैं प्रश्न करूं, कृपया तभी उत्तर दें।

श्री जे. बनर्जीः यह गलत बयानी है।

8864, डॉ. भीमराव अम्बेडकरः मेरा कहना है कि इस कथन का बंगाल विधान परिषद में किसी ने भी ख्ांडन नहीं किया था?

श्री जे. बनर्जीः उस दिन मैं उपस्थित था। कोई भाषण नहीं दिया गया था, बल्कि कागज से कुछ पढ़ा गया था और बहुत संभव है कि लोग उस पहेली को न बुझा पाए हों। एक कागज अस्पष्ट ढंग से पढ़ा गया था।

  1. श्री एम.आर. जयकरः आपकी परिषद की कार्यवाहियां प्रकाशित होती हैं या नहीं?