11. भारतीय संवैधानिक सुधार विषयक संयुक्त समिति के समक्ष लिया गया साक्ष्य - Page 280

भारतीय संवैधानिक सुधार समिति

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  1. डॉ. भीमराव अम्बेडकरः इसके बारे में आपसे एक या दो प्रश्न पूछूंगा। आपको शिकायत है कि पूना समझौते के अनुसार दलित वर्गों को महामहिम की सरकार के निर्णय में दिए गए स्थानों से बहुत अधिक स्थान दिए गए हैं। मैं आपका ध्यान प्रधानमंत्री द्वारा श्री गांधी को भेजे गए 8 सितंबर 1932 के पत्र की ओर आकर्षित करना चाहता हूं। इसमें उन्होंने कहा था - ‘मुसलमानों को आवंटित क्षेत्रीय स्थानों की संख्या स्वभावतः इस शर्त के साथ दी गई है कि उनके लिए और अधिक क्षेत्रीय स्थान प्राप्त कराना असंभव है और अधिसंख्य प्रांतों में उनकी अपनी आबादी के अनुपात से उन्हें अधिक प्रतिनिधित्व प्राप्त है।’ मैं आपका ध्यान इस बात की ओर आकर्षित करना चाहता हूं - ‘विशेष दलित वर्ग निर्वाचन-क्षेत्रों से भरे जाने वाले विशेष स्थानों की संख्या कम रखी जाएगी और वह ऐसे नियत की गई है, जो दलित वर्ग को पूरी आबादी के प्रतिनिधित्व के लिए संख्या की दृष्टि से समुचित कोटा नहीं बनती, किन्तु विधान-मंडल में दलित वर्गों के लिए न्यूनतम प्रतिनिधि प्रदान कराती है, जो पूरी तरह दलित वर्गों द्वारा चुने जाएं। प्राप्त दलित वर्गों के विशेष स्थानों का अनुपात हर जगह उनकी आबादी के प्रतिशत से काफी कम है?

श्री जे. बनर्जीः यह ठीक है, क्योंकि आशा की जाती है कि विशेष रूप से बंगाल में अधिसंख्य दलित वर्गों के लोग साधारण निर्वाचन-क्षेत्रों के माध्यम से चुने जाएंगे।

  1. डॉ. भीमराव अम्बेडकरः मैं आपका ध्यान जिस बात की ओर आकर्षित करना चाहता हूं, वह यह है कि सांप्रदायिक निर्णय देते समय और दलित वर्गों के लिए स्थान तय करते समय महामहिम की सरकार और प्रधानमंत्री ने निश्चित रूप से यह मान लिया है कि ये स्थान आबादी के अनुपात में नहीं हैं, उससे कहीं कम हैं?

श्री जे. बनर्जीः बिल्कुल ठीक है, किन्तु साथ ही प्रधानमंत्री ने यह भी तो स्पष्ट कर दिया है कि दलित वर्गों को आवंटित संख्या उनकी कुल संख्या के अनुपात में इसलिए कम है क्योंकि वह विनिर्दिष्ट तौर पर बंगाल के मामले का उल्लेख करते हैं, बंगाल में दलित वर्गों के बहुत से सदस्य निश्चय ही साधारण निर्वाचन-क्षेत्रों से चुन लिए जाएंगे।

  1. डॉ. भीमराव अम्बेडकरः मैं आपको विश्वास दिला सकता हूं कि उन्होंने बंगाल के बारे में कभी कुछ नहीं कहा?

श्री जे. बनर्जीः निश्चित रूप से उन्होंने ऐसा कहा है, मैंने वह निर्णय ध्यानपूर्वक पढ़ा है।

  1. डॉ. भीमराव अम्बेडकरः इसके बारे में एक अधिवेशन आयोजित किया गया था, वह मालदा में हुआ, बंगाल प्रांतीय हिंदू सम्मेलन का सातवां अधिवेशन था, जो श्री रामानंद चटर्जी की अध्यक्षता में 17 से 19 सितंबर 1932 के बीच आयोजित किया गया था। क्या ऐसा है?

ऽ मिनिट्स ऑफ एविडेंस, खंड 2-ग, 31 जुलाई 1933, पृ. 1466