12 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
मैं पैरा 29 के संदर्भ मैं पढ़ना चाहूंगा। जहां पैरा 29 में ऊपरी सदन में विभिन्न समुदायों के प्रतिनिधित्व का अनुमान लगाने के लिए जनसंख्या के अनुपात को देखा जाता है, पैरा 34 में ‘संभव’ शब्द का प्रयोग किया गया है। उससे अल्पसंख्यकों के प्रतिनिधित्व के द्वार और भी बंद हो जाते हैं और ऊपरी सदन में उनका एक भी प्रतिनिधित्व नहीं होगा। मेरा सुझाव है कि इस पैरे से ‘संभव’ शब्द हटा दिया जाए और उसके बाद के शब्द ‘और निचले सदन में निश्चित रूप से’ का भी लोप किया जाए। यह संशोधित पैरा इस प्रकार से होगाः
दोनों सदनों में प्रतिनिधित्व के लिए प्रावधान किया जाए, चाहे वह प्रतिनिधित्व
कितना ही कम क्यों न हो।
मेरे विचार से ऊपरी सदन में प्रत्येक समुदाय को प्रतिनिधित्व मिलना ही चाहिए।
डॉ. अम्बेडकरः मैं कर्नल गिडने की बात से सहमत हूं।
(पैरा 34 संघीय विधान-मंडल में विशेष हितों के और सम्राट के प्रतिनिधित्व के संबंध में है।)