भारतीय संवैधानिक सुधार समिति
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माननीय हेनरी गिडनेः समस्त अल्पसंख्यकों का।
श्री जफरुल्ला खांः उस पर संसद से क्या करने की आशा की जाएगी?
डॉ. भीमराव अम्बेडकरः यह वहां पेश किया जाएगा। संसद विभिन्न सरकारों का ध्यान रखेगी। गवर्नर जनरल को ही नहीं, बल्कि संसद को भी यह जानना जरूरी है कि विभिन्न सरकारें विभिन्न अल्पसंख्यकों के प्रति अपने उत्तरदायित्वों का निर्वाह कैसे कर रही हैं, जो उनके कार्य-क्षेत्र के अंतर्गत आते हैं।
माननीय हरी सिंह गौड़ः और आप उसे प्रांतीय स्वायत्तता कहेंगे?
डॉ. भीमराव अम्बेडकरः हां, मैं निश्चय ही कहूंगा।
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भारतीय पुलिस की ओर से श्री जे.सी. फ्रेंच और श्री एस.एच. मिल्स
- डॉ. भीमराव अम्बेडकरऽः श्री मिल्स! मैं आपसे केवल एक प्रश्न पूछना चाहता हूं, क्योंकि इस विषय पर आपके विचार जानने में मेरी रुचि है। आपने कुछ जोरदार शब्दों में कहा था कि बंगाल में प्रस्तावित संविधान के अंतर्गत मुसलमान और दलित वर्ग कांग्रेस के प्रभाव में होंगे?
श्री एस.एच. मिल्सः मेरे विचार में, उनके कांग्रेस के असर में रहने की पूरी गुंजाइश है, - उनमें से कुछ प्रतिशत के।
- डॉ. भीमराव अम्बेडकरः आपने दलित वर्गों में से 20 के बारे में कहा था?
श्री एस.एच. मिल्सः हां।
- डॉ. भीमराव अम्बेडकरः मैं मानता हूं कि आप यह तो नहीं कहना चाहते हैं कि दलित वर्गों या मुसलमानों में ऐसे लोग हैं, जो आतंकवादी आन्दोलन से सहानुभूति रखते हों?
श्री एस.एच. मिल्सः दलित वर्गों के लोगों की ऐसी बहुत बड़ी संख्या है, जो आतंकवादी के रूप में गिरफतार किए गए हैं।
- डॉ. भीमराव अम्बेडकरः किस समुदाय के?
श्री एस.एच. मिल्सः भिन्न समुदायों के थे और बहुत सारे शाह भी हैं_ साथ ही मिदनापुर से दलित वर्गों के बहुत लोग गिरफतार किए गए हैं, विशेषकर मिदनापुर से।
- डॉ. भीमराव अम्बेडकरः शाह दलित वर्गों की अनुसूचित जाति नहीं है?
ऽ माननीय सेम्युअल होर, सेक्रेटरी ऑफ स्टेट फॉर इंडिया थे, माननीय मालकम हेली संयुक्त प्रांत के गवर्नर थे, माननीय फिंडलेटर स्टुअर्ट इंडिया ऑफिस, लंदन के स्थायी अवर सचिव थे।
ऽऽ मिनिट्स ऑफ एविडेंस, खंड 2-ख, 14 जुलाई 1933, पृ. 729
ऽऽऽ वही, पृ. 735