11. भारतीय संवैधानिक सुधार विषयक संयुक्त समिति के समक्ष लिया गया साक्ष्य - Page 304

भारतीय संवैधानिक सुधार समिति

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माननीय तेज बहादुर सपू्र का यह सवाल नहीं था। सवाल यह है कि क्या खंड इतना व्यापक है कि बीच में यह कहने की शक्ति देता है, ‘नहीं, इससे शांति और सौहार्द में दखल होगा और मैं आपको यह विधेयक पेश नहीं करने दूंगा’?

माननीय तेज बहादुर सपू्रः यह खंड इतना व्यापक है कि यह गवर्नर को कार्रवाई करने की शक्ति देता है, यदि वह आश्वस्त है कि इससे प्रांत में शांति और सद्भाव को भारी खतरा हो जाएगा। केवल इसलिए नहीं कि वह सोचता है कि यह विधान किसी न किसी वर्ग के हित में अवांछनीय है।

  1. डॉ. भीमराव अम्बेडकरः यदि उसका यह निष्कर्ष है कि यह खंड इतना व्यापक है कि वह कह सकता है, ‘मैं आपको ऐसे विधान पर आगे कार्यवाही नहीं करने दूंगा’?

माननीय सेम्युअल होरः मैं केवल यह कह सकता हूं कि पिछले दो वर्षों में संयुक्त प्रांत में किसानों की स्थिति से उत्पन्न और लगान के मसले पर वास्तव में बहुत भारी अशांति फैल गई थी। तब ऐसी स्थिति थी तब, मेरी राय में, यह खंड निस्संदेह लागू होता। लेकिन यह इसलिए लागू होता, क्योंकि प्रांत के कुछ हिस्सों में काश्तकारों के वास्तविक विद्रोह का खतरा था। मैं यह नहीं कहता कि यह लागू इसलिए किया जाता, क्योंकि स्थिति ऐसी थी कि विधान-मंडल के किसी न किसी वर्ग पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।

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  1. डॉ. भीमराव अम्बेडकरऽः मैं यह जानना चाहता हूं, क्या भारत मंत्री मुझसे यह चाहते हैं कि मैं प्रांतों के लिए दूसरे सदनों से संबंधित सवालों को रोके रखूं?

माननीय सेम्युअल होरः जहां तक दूसरे सदनों के गठन (सदस्यता) का संबंध है, मेरा सुझाव है कि इस मसले को भी साधारणतया मताधिकार के साथ ही उठाना बेहतर होगा।

  1. डॉ. भीमराव अम्बेडकरः मैं भारत मंत्री से कोई सवाल नहीं पूछूंगा।

अध्यक्षः मेरे विचार में भारत मंत्री का सुझाव व्यावहारिक है। आशा है आप इस समय कोई सवाल नहीं पूछेंगे।

  1. डॉ. भीमराव अम्बेडकरः मैं दूसरे सदन के गठन के बारे में पूछने जा रहा था। क्या इसे अभी रोके रखना बेहतर होगा।

माननीय सेम्युअल होरः हां, मैं समझता हूं, कदाचित यही बेहतर होगा।

  1. डॉ. भीमराव अम्बेडकरः आपने पिछली बार एक सवाल के जवाब के दौरान कहा था कि आप सोचते हैं कि प्रांतों में मंत्रियों को निम्न और उच्च, दोनों सदनों में से किसी भी सदन से लिया जा सकता है?

माननीय सेम्युअल होरः हां।

  1. डॉ. भीमराव अम्बेडकरः आपको याद है कि दूसरे सदन में श्वेत-पत्र में

ऽ मिनिट्स ऑफ एविडेंस, खंड 2-ख, 14 जुलाई 1933, पृ. 748