11. भारतीय संवैधानिक सुधार विषयक संयुक्त समिति के समक्ष लिया गया साक्ष्य - Page 306

भारतीय संवैधानिक सुधार समिति

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माननीय तेज बहादुर सपू्रः जहां तक मैं समझता हूं, भारत सरकार अधिनियम में मंत्री के रूप में नियुक्ति के लिए निर्वाचित और नामजद सदस्यों में कोई अन्तर नहीं किया गया है। इस विषय में, जो धारा है, वह धारा 52 है।

डॉ. भीमराव अम्बेडकरः उसे निर्वाचित होना होगा।

  1. माननीय तेज बहादुर सपू्रः मैंने सोचा था कि डॉ. अम्बेडकर ने माननीय सेम्युअल से पूछा था और यह सुझाव दिया था कि भारत सरकार अधिनियम में मंत्री बनने के मामले में निर्वाचित और नामजद सदस्यों के बीच अन्तर किया गया है?

माननीय मालकोम हेलीः इसमें तो केवल यह कहा गया है कि कोई मंत्री छह माह से अधिक समय तक पद धारण नहीं करेगा, जब तक कि वह निर्वाचित सदस्य न बन जाए।

  1. माननीय तेज बहादुर सपू्रः लेकिन यदि कोई नामजद सदस्य है, तो ऐसी कोई बात नहीं है, जो उसे मंत्री बनने से रोकती हो?

माननीय मालकोम हेलीः ऐसा ही है।

  1. माननीय तेज बहादुर सपू्रः और ऐसा किया गया है?

माननीय मालकोम हेलीः हां।

माननीय तेज बहादुर सपू्रः मेरी समझ में कानून इस प्रकार है, गवर्नर किसी भी बाहरी व्यक्ति को मंत्री बना सकता है, बशर्ते कि वह व्यक्ति छह माह के भीतर विधान परिषद के लिए निर्वाचित हो जाए। इसी प्रकार गवर्नर नामजद सदस्यों के ब्लाक में से, जो वहां पहले से है, मंत्री नियुक्त कर सकता है। इस अधिनियम में कोई अन्तर नहीं किया गया है।

  1. श्री जफरुल्ला खांः जब एक बार कोई नामजद सदस्य नियुक्त हो जाएगा, तो क्या वह सर्वदा नामजद सदस्य ही बना रहेगा अथवा क्या उसे निर्वाचित होना होगा?

माननीय सेम्युअल होरः नहीं, मेरे विचार में यह बिल्कुल स्पष्ट है। नामजद सदस्य किसी भी अन्य की भांति ही माना जाता है।

डॉ. भीमराव अम्बेडकरः वह छह माह बाद मंत्री नहीं बना रह सकता, जब तक कि वह निर्वाचित न हो जाए।

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  1. डॉ. भीमराव अम्बेडकरऽः क्या मैं उस धारा को पढ़ सकता हूं?

माननीय सेम्युअल होरः क्या वास्तव में इस बात का बहुत महत्त्व है कि अब क्या स्थिति है?

  1. डॉ. भीमराव अम्बेडकरः इसका महत्त्व है, क्योंकि मैं यह पूछना चाहता हूं कि वास्तविक स्थिति क्या है। धारा 52 की उपधारा (2) इस प्रकार हैः ‘कोई मंत्री छह माह से अधिक समय तक पद धारण नहीं करेगा जब तक कि वह स्थानीय विधान-मंडल का निर्वाचित सदस्य न हो, अथवा न हो जाए।’ मैं तो केवल यह सुझाव देना चाहता था कि अधिनियम में यह परिकल्पित नहीं है कि नामजद सदस्य निरन्तर मंत्री का पद धारण