भारतीय संवैधानिक सुधार समिति
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चाहूंगा कि संसद के अधिनियम की उद्देश्यिका में क्या रखा जाए अथवा नहीं। मैं स्वयं सही या गलत कारणों से संसद के अधिनियमों की उद्देश्य-सूची के खिलाफ हूं और मैं डॉ. अम्बेडकर के सवाल के जवाब में न तो हां कहूंगा और न ही ना। यह एक ऐसा मुद्दा है, जिस पर समिति द्वारा विचार किया जाना चाहिए। मैं इसे किसी भी तरह सिद्धान्त का प्रश्न नहीं मानूंगा। मैं समझता हूं यह चर्चा का अनिवार्य विषय है। प्रत्यक्षतः मैं उद्देश्यिकाओं में इस प्रकार की सामान्य घोषणाओं के खिलाफ हूं।
- डॉ. भीमराव अम्बेडकरः मैं कहना चाहता हूं कि अब यह मुद्दा विवादग्रस्त नहीं है और इस दृष्टि से कि इसका भारतीय जनता पर अच्छा प्रभाव पड़ेगा, इसे भारत सरकार अधिनियम की उद्देश्यिका में शामिल करना वांछनीय होगा?
माननीय सेम्युअल होरः डॉ. अम्बेडकर ने इस मुद्दे पर जो कुछ कहा है, हमें उस पर ध्यान देना चाहिए।
- डॉ. भीमराव अम्बेडकरः अब मैं जो अगला प्रश्न आपसे पूछना चाहता हूं, वह संघ की तारीख के बारे में है। संघ में राजाओं के प्रवेश से जुड़े हुए अनिश्चित तत्त्वों की दृष्टि से संघ के उद्घाटन के लिए कोई तारीख देना वांछनीय नहीं था। अब जो मुद्दा मैं आपके सामने रखना चाहता हूं, वह है कि आप इस प्रकार के प्रस्ताव के बारे में क्या कहेंगे? मैं इसे अपनी ओर से रख रहा हूं। मान लीजिए आपने राजाओं का इन्तजार किए बिना संघ को बना दिया और वायसराय या गवर्नर जनरल द्वारा नामजद सदस्यों का एक ब्लॉक बना लिया, जो शासकीय या गैर-शासकीय हो सकते हैं, वे अंशतः शासकीय और अंशतः गैर-शासकीय हो सकते हैं, और फिर अपने फैडरेशन का उद्घाटन करें तथा जब राजा उसमें शामिल हो जाएं, तो क्या ऐसे राजाओं के लिए जगह बनाने के लिए नामजद सदस्यों के ब्लॉक को समाप्त कर देंगे? क्या आपको इस प्रकार के प्रस्ताव पर कोई आपत्ति है?
माननीय सेम्युअल होरः हां, इस पर मुझे कई आपत्तियां हैं। मेरे विचार में, कदाचित यह पूरी तरह एक नई चीज है। यहां पिछले तीन सालों से हम अखिल भारतीय संघ से भिन्न किसी प्रकार के संघ पर विचार नहीं कर रहे हैं, जिसमें राजाओं का भी पर्याप्त प्रतिनिधित्व हो।
- डॉ. भीमराव अम्बेडकरः बिल्कुल ठीक, लेकिन मुझे इस मुद्दे पर और कहने दीजिए?
माननीय सेम्युअल होरः मैं अपना उत्तर पूरा समाप्त कर लूं? दूसरे, उस प्रत्येक जोरदार आपत्ति के अलावा भी, एक और आपत्ति यह भी है कि हमें पूरा विचार-विमर्श फिर से शुरू करना होगा, मैं तो कहूंगा कि यह भी आपत्ति है कि मान लीजिए जब आप नामजद सदस्यों का ब्लॉक बना लेते हैं और राज्यों के राजा संघ में बिल्कुल भी नहीं आते तो, मुझे नहीं पता क्या होगा?
- डॉ. भीमराव अम्बेडकरः अब मैं अपना अगला सवाल रखूंगा। क्या आप