294 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
स्थिरता लाने के लिए राजाओं का प्रतिनिधित्व चाहते हैं?
माननीय सेम्युअल होरः नहीं, इससे भी अधिक, डॉ. अम्बेडकर! मैं अपने आपको इसी तक सीमित नहीं रखूंगा। मैं अनेक कारणों से राजाओं का प्रवेश चाहता हूं। राजाओं के प्रतिनिधित्व से न केवल स्थिरता आएगी, बल्कि वे बहुत सारी अत्यन्त मूल्यवान चीजों को भारत सरकार में ला सकते हैं।
- डॉ. भीमराव अम्बेडकरः लेकिन मेरा मुद्दा है कि मैं संविधान के स्थायी अंग के रूप में सुझाव नहीं दे रहा हूं। मैं उस संक्रमणकाल के लिए सुझाव दे रहा हूं, जब तक राज्यों के राजा नहीं आते हैं। मैं केवल उस समस्या से निपटने की कोशिश कर रहा हूं, जिसे आप यह कहेंगे कि वह तब उत्पन्न होगी, जब राज्यों के राजा निश्चित अवधि के भीतर आने का अपना मन न बनाएं। मैं केवल तारीख की कठिनाई से छुटकारा पाने की कोशिश कर रहा हूं?
माननीय सेम्युअल होरः मैं इसे अच्छी तरह समझता हूं, मुझे इस प्रकार की संक्रमणकालीन योजना के बारे में आपत्तियां दिखाई देती हैं, जिनका मैंने अभी उल्लेख किया है।
नवाब लियाकत हयात खांः जो भी हो, मैं बीच में हस्तक्षेप करूंगा, क्या यह बेहतर नहीं होगा कि ऐसी आकस्मिकता पैदा होने की दशा में जब आप अगली बार मिलें, तो तभी इस बात को रखें। वायदा किया गया है कि जब कोई आकस्मिकता पैदा होगी, तो हम दोबारा मिलेंगे। मेरे विचार में, इस प्रकार का सुझाव अपेक्षाकृत ज्यादा उपयुक्त होगा।
माननीय ए.पी. पात्रोः जब ऐसी बात आएगी, तो आप वहां पर नहीं होंगे।
माननीय सेम्युअल होरः मैंने हमेशा सोचा है, विशेषकर उन लोगों के लिए, जो वास्तव में एक अखिल भारतीय संघ स्थापित करने में रुचि रखते हैं, या तो इस धारणा पर कि संघ कभी भी अस्तित्व में नहीं आएगा अथवा यह कि संघ अत्यंत अनिश्चित भविष्य में ही अस्तित्व में आएगा, एक प्रकार की अस्थायी सरकार की स्थापना पर ध्यान केंद्रित करना वास्तव में एक बहुत बड़ी भूल है। मैं स्वयं मानता हूं कि समिति के सदस्य और भारतीय प्रतिनिधि मंडल के सदस्य, जो इस प्रकार का प्रस्ताव करते हैं, वस्तुतः संघ को दूर और दूर करते जा रहे हैं, मैं केवल अपनी निजी राय दोहराता रहूंगा और मैं अपने ब्रिटिश और भारतीय मित्रों का भरोसा करूंगा कि समय-समय पर हमारे बाहरी शत्रु इसे गलत रूप में प्रस्तुत न करें।
- डॉ. भीमराव अम्बेडकरः क्या मैं इस पर थोड़ा और बोल सकता हूं? क्या आप समझते हैं कि संघ ज्यादा महत्त्वपूर्ण है या उत्तरदायित्व ज्यादा महत्त्वपूर्ण है?
माननीय तेज बहादुर सपू्रः अथवा कोई भी नहीं?
माननीय सेम्युअल होरः मैं डॉ. अम्बेडकर के सवाल का आशय नहीं समझा।