296 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
* * * *
- डॉ. भीमराव अम्बेडकरः आरक्षित विषयों के बारे में आप नहीं चाहते कि बजट के उस भाग पर मतदान हो?
माननीय सेम्युअल होरः ऐसा ही है।
- डॉ. भीमराव अम्बेडकरः यह आरक्षित विभागों के सिद्धांत के विपरीत है, जो इस समय भारत सरकार अधिनियम के अधीन विद्यमान है?
माननीय सेम्युअल होरः यह हमारी पहले की सभी चर्चाओं पर आधारित है और मेरा विचार है कि इस बारे में आम सहमति है कि धन संबंधी प्रस्तावों पर मतदान न हो, हालांकि प्रतिरक्षा की कुछ विशेषताओं के बारे में गोलमेज सम्मेलन में काफी विस्तार से चर्चा हो चुकी है।
- डॉ. भीमराव अम्बेडकरः यदि विधान सभा में इस पर मतदान हो और वायसराय देखें कि कोई भारी कटौती की गई है, तो उसे प्रमाणित करने की शक्ति क्या हो, क्या आपको इसमें कोई बहुत बड़ा खतरा नजर आता है?
माननीय सेम्युअल होरः मेरे विचार में इस प्रकार के मामले में, जिसमें वायसराय का उत्तरदायित्व स्पष्ट और असंदिग्ध है, बेहतर होगा कि चर्चा के लिए मौका दिया जाए, आवश्यक व्यय पर मतदान नहीं होना चाहिए।
डॉ. भीमराव अम्बेडकरः अगला प्रश्न सेनाध्यक्ष (कमांडर-इन-चीफ) के बारे में है। श्वेत-पत्र में इस बारे में कोई खास प्रस्ताव नहीं है। भारत सरकार अधिनियम की धारा 19 केवल यह कहती है कि सेनाध्यक्ष के रॉयल मैनुअल के अधीन वारंट सम्राट द्वारा नियुक्त किया जाएगा।
तेज बहादुर सपू्रः यह अजीब संयोग है कि वर्तमान भारत सरकार अधिनियम में सेनाध्यक्ष की नियुक्ति का कोई उल्लेख नहीं है। उसमें केवल यह लिखा है कि श्वेत-पत्र हो या नहीं, यदि सेनाध्यक्ष कार्य परिषद का सदस्य है, तो उसे कार्य परिषद के अन्य सदस्यों की अपेक्षा वरीयता दी जानी चाहिए। आशय यही है कि सेनाध्यक्ष की नियुक्ति जारी रखी जाए।
डॉ. भीमराव अम्बेडकरः वर्तमान भारत सरकार अधिनियम की धारा 19(1) में कहा गया हैः भारत में सम्राट की सेना के सेनाध्यक्ष की नियुक्ति रॉयल साइन मैनुअल के अधीन सम्राट द्वारा वारंट से की जाती है?
माननीय सेम्युअल होरः हां, संभवतः यही स्थिति जारी रहेगी।
- लॉर्ड इर्विनः क्या श्वेत-पत्र के पृष्ठ 39 के नीचे प्रस्ताव 6 में इसका उल्लेख नहीं है?
ऽ मिनिट्स ऑफ एविडेंस, खंड 2-ख, 20 जुलाई 1933, पृ. 813-15