11. भारतीय संवैधानिक सुधार विषयक संयुक्त समिति के समक्ष लिया गया साक्ष्य - Page 320

भारतीय संवैधानिक सुधार समिति

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माननीय एन.एन. सरकारः यह बात तो है, किंतु ऐसी भाषा प्रयुक्त नहीं की गई है।

श्री जफरुल्ला खांः एक और पहलू है और वह यह है कि क्या इन विशिष्ट निर्वाचन क्षेत्रों में दलित वर्ग चार उम्मीदवार खड़े करने के लिए बाध्य हैं? कल्पना कीजिए कि वे केवल एक उम्मीदवार खड़ा करते हैं, क्या इससे ‘समझौते’ की शर्तों का पालन हो जाएगा? सरकार ‘समझौते’ के अनुसार इस पहलू के विषय में क्या सोचती है?

माननीय ए.पी. पात्रोः इससे प्रारंभिक निर्वाचन का प्रयोजन ही विफल हो जाएगा। क्या प्रारंभिक निर्वाचन का अभिप्राय एक सीट पर चार लोगों को चुनना है?

माननीय एन.एन. सरकारः डॉ. अम्बेडकर ईमानदारी से बताएंगे कि जो व्याख्या मैं कर रहा हूं, वही ‘पूना समझौता’ किए जाने के समय समझा गया था। यह मान लिया गया था कि दलित वर्गों को चारों का चुनाव करने की बजाए केवल एक को चुनने की स्वतंत्रता होनी चाहिए। उस स्थिति में एक अपने आप चुना जाएगा।

डॉ. भीमराव अम्बेडकरः बिल्कुल सही।

श्री जफरुल्ला खांः यदि वे चार आदमी खड़े करते हैं, तो एक हट सकता है।

डॉ. भीमराव अम्बेडकरः हां।

* * * *

माननीय एन.एन. सरकारऽः क्या मैं समिति के समक्ष कुछ तथ्य प्रस्तुत कर सकता हूं? मैं बहस नहीं कर रहा हूं, मैं तो केवल कुछ तथ्य प्रस्तुत करना चाहता हूं, ताकि समिति संक्षेप में इन्हें समझ सके। ‘सांप्रदायिक निर्णय’ 17 अगस्त 1932 का है।

माननीय सेम्युअल होरः 16 अगस्त।

  1. माननीय एन.एन. सरकारः मेरी प्रति में 17 अगस्त है। एक दिन से कोई अंतर नहीं पड़ता। इस निर्णय या निश्चय के अनुसार विशुद्ध परिणाम यह निकलता है कि जहां तक दलित वर्गों का संबंध है, वे साधारण निर्वाचन क्षेत्रों में वोट देंगे और उनकी सीटों की संख्या 10 होगी और यह व्यवस्था 20 वर्ष तक रहेगी और उसके पश्चात् समाप्त हो जाएगी। अत्यंत संक्षेप में यही निश्चय किया गया था?

माननीय सेम्युअल होरः हां।

  1. माननीय एन.एन. सरकारः एक अन्य तारीख 18 अगस्त 1932 की है। यह वह तारीख है जब महात्मा गांधी ने अनशन की धमकी देते हुए प्रधानमंत्री को अपना पत्र लिखा था (मैं शब्द उद्धृत कर रहा हूं)ः ‘यह अनशन तभी समाप्त होगा, जब ब्रिटिश सरकार अपने निर्णय में परिवर्तन करेगी और दलित वर्गों के प्रतिनिधित्व की योजना वापस ले लेगी।’ महात्मा गांधी ने प्रधानमंत्री को अनशन और इसके परिणामों की धमकी देते हुए पत्र लिखा था। क्या वह तारीख आपको पता है?

माननीय सेम्युअल होरः मेरे पास तारीख नहीं है। मैं मानता हूं कि यह तारीख सही है।

  1. माननीय एन.एन. सरकारः क्या भारत मंत्री इस बात को स्वीकार करेंगे?