304 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
क्या मैं इन सब तारीखों का उल्लेख अपने प्रश्नों में कर सकता हूं और यदि कोई गलती हो, तो बाद में बातचीत द्वारा या किसी अन्य प्रकार से बता दी जाए?
माननीय सेम्युअल होरः हां।
- माननीय एन.एन. सरकारः मैं तारीखें बता रहा हूं। तारीख 18 अगस्त को वह पत्र महात्मा गांधी ने प्रधानमंत्री को लिखा था। तारीख 8 सितंबर 1932 को प्रधानमंत्री ने महात्मा गांधी को लिखा था कि प्रधानमंत्री की योजना अर्थात् सांप्रदायिक निर्णय ने दलित वर्गों को हिंदू समाज से अलग नहीं किया है। 8 सितंबर वह तारीख है, जब प्रधानमंत्री ने महात्मा गांधी को यह समझाने की चेष्टा की थी कि कुछ भी गलत नहीं किया गया है। 15 सितंबर 1932 को पंडित मदनमोहन मालवीय ने 17 और 18 सितंबर को दिल्ली में एक सम्मेलन आयोजित किए जाने का आह्नान करते हुए कुछ समाचार पत्रों में एक अधिसूचना जारी की थी। प्रेस में प्रकाशित आमंत्रण में ‘कुछ मित्रों’ को कहा गया था। यह 18 सितंबर 1932 की बात है। तारीख 16 सितंबर 1932 को उसी भद्र पुरुष पंडित मदनमोहन मालवीय द्वारा प्रेस में एक और घोषणा की गई कि स्थान दिल्ली से बदलकर बंबई कर दिया गया है और 20 सितंबर 1932 को वह अनशन जिसे बाद में आमरण अनशन बताया गया, प्रांरभ हुआ। तारीख 24 सितंबर को महात्मा गांधी की दशा गंभीर बताई गई और तारीख 25 सितंबर 1932 को ‘समझौते’ पर हस्ताक्षर किए गए। ये तारीखें मैं आपको बता रहा हूं। आप बाद में इन्हें सही कर सकते हैं या इन्हें स्वीकार कर सकते हैं?
माननीय सेम्युअल होरः हां।
- माननीय एन.एन. सरकारः अपने अगले प्रश्न में मैं आपको कुछ और तारीखें बता रहा हूं और यदि आप अभी उत्तर नहीं देना चाहते, तो मैं आपको बाध्य नहीं करूंगा। किंतु मैं अपना पक्ष-कथन सामान्यतः इसलिए प्रस्तुत कर रहा हूं कि मैं इन बातों से संबंधित इन तथ्यों को साबित करने के लिए साक्षी प्रस्तुत करूंगा। ‘समझौते’ पर तारीख 25 सितंबर 1932 को हस्ताक्षर हुए थे। इस ‘समझौते’ पर बहुत से लोगों के हस्ताक्षर हैं। मैं उन सब नामों को पढ़ना नहीं चाहता। बंगाल के हिंदुओं का प्रतिनिधित्व करने वाला कोई हस्ताक्षरकर्ता नहीं है और अगले दिन तारीख 26 सितंबर 1932 को दिल्ली में 11.00 बजे गृह सदस्य ने सरकार द्वारा ‘समझौते’ को स्वीकार करने की घोषणा की और कहाः ‘सरकार को यह जानकर काफी संतोष हुआ कि दलित वर्गों और शेष हिंदू समाज के नेताओं के मध्य सहमति हो गई है।’ अगले ही दिन इसकी विधान सभा में घोषणा की गई। इन तारीखों की आप जांच कर सकते हैं। क्या मैं उन बातों पर विचार करते हुए जैसा कि आपने अपने कल के उत्तर में भी कहा था कि सरकार समझती है कि दलित वर्गों और शेष हिंदू समाज के नेताओं में सहमति हो गई है? यह आपका विचार हो सकता है?
माननीय सेम्युअल होरः आपकी बात पूरी होने पर मैं आपके प्रश्न का उत्तर दूंगा।
- माननीय एन.एन. सरकारः मेरा प्रश्न पूरा हो गया है।