314 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
ऐसी अभिव्यक्ति ‘वर्तमान और प्रोद्भूत अधिकार’ का दक्षिण अफ्रीकी संविधान, 1909 में प्रयोग किया गया है और मैं समझता हूं कि आप और भारत मंत्री महोदय डोमिनियन के कार्यालय से उस ज्ञापन को प्राप्त कर सकते हैं, ताकि यह पता चल सके कि दक्षिण अफ्रीकी सरकार ने इस खंड का प्रारूपण किस आशय से किया है और इसका किस अर्थ में निर्वचन किया गया है?
माननीय सेम्युअल होरः मैं इस बात पर निश्चित रूप से विचार करूंगा। फिर भी यह ऐसा प्रश्न है जिस पर हम सेवाओं के संबंध में चर्चा करते समय विचार करेंगे। क्या यह ठीक वैसा ही प्रश्न नहीं है जैसा कि माननीय पुरुषोत्तम ने हमारे समक्ष रखा था।
- डॉ. भीमराव अम्बेडकरः नहीं, इसलिए मैंने कहा कि मैं किसी प्रकार का विवाद पैदा नहीं करना चाहता हूं। मैं तो मात्र यह जानना चाहता हूं कि क्या तुलनात्मक दृष्टि से यह संभव नहीं होगा?
माननीय सेम्युअल होरः हां।
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- डॉ. भीमराव अम्बेडकरऽऽः मैं पैरा 141 को लागू किए जाने के संबंध में माननीय अकबर हैदरी के कथन के बारे में एक प्रश्न पूछना चाहता हूं। कल, भारत मंत्री महोदय! आपने उस कथन पर अपनी संक्षिप्त मताभिव्यक्ति करते हुए कहा था कि आपको प्रसन्नता है कि देशी राज्यों ने कुछ सीमा तक संघीय सरकार का भार वहन करना स्वीकार कर लिया है?
माननीय सेम्युअल होरः हां।
- डॉ. भीमराव अम्बेडकरः मैं जानना चाहता हूं कि आप मेरे प्रश्न का उत्तर अभी दे दें या बाद में, इस बारे में मुझे कोई आपत्ति नहीं है, कि क्या आप इस बात से सहमत हैं कि माननीय अकबर हैदरी द्वारा वर्णित प्रक्रम वह प्रक्रम है, जब राज्यों को संघ का भार वहन करना चाहिए? आप जानते हैं कि उन्होंने कतिपय प्रक्रमों का वर्णन किया है, जिनके अंतर्गत संघ को राज्यों से वित्त में अपना हिस्सा वहन करने से पहले परामर्श करना होगा।
माननीय सेम्युअल होरः हां।
- माननीय अकबर हैदरीः क्या यह अतिरिक्त भार नहीं होगा?
माननीय सेम्युअल होरः वास्तव में तीन प्रकार के भार हैं। सर्वप्रथम उन्हें प्रारंभ से ही प्रत्यक्ष कराधान का संपूर्ण भार वहन करना पड़ता है। दूसरा, निगम कर या निगम कर के समकक्ष भार, जो उन्हें निश्चित अवधि के उपरांत वहन करना पड़ता है। तीसरा, अधिभार जो उन्हें आपात स्थिति में वहन करना पड़ता है।
- डॉ. भीमराव अम्बेडकरः मेरी समझ में कुछ शर्तें निर्धारित की गई हैं?
माननीय सेम्युअल होरः कुछ शर्तें निर्धारित की गई हैं कि माननीय अकबर हैदरी,