भारतीय संवैधानिक सुधार समिति
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मेरे विचार में, ग्रीष्म के दौरान इसे स्पष्ट किया था और मैंने डोमिनियन कार्यालय से जानकारी उपलब्ध कराने के लिए कहा है। मुझे अभी तक जानकारी प्राप्त नहीं हुई है, किंतु मुझे बताया गया है कि स्थितियां भिन्न हैं। दक्षिण अफ्रीका की स्थिति में किसी प्रकार के प्रतिकर का कोई वचन नहीं है।
माननीय मनुभाई एन. मेहताः मेरे विचार से ऐसा ही ऑस्ट्रेलिया में भी है।
11,298. डॉ. भीमराव अम्बेडकरऽ ः मैं केवल जानना चाहता था कि दक्षिण अफ्रीकी सरकार द्वारा दक्षिण अफ्रीका में ‘प्रोद्भूत अधकिर’ अभिव्यक्ति की किस प्रकार व्याख्या की गई है? क्या यह अभिव्यक्ति उसी अर्थ में प्रयुक्त की गई है?
माननीय सेम्युअल होरः मैं इसे प्राप्त करने का प्रयास करूंगा। मैंने दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया, दोनों के बारे में पूछा है।
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11, 438. डॉ. भीमराव अम्बेडकरऽऽः किसी एक प्रांत या दो प्रांतों के लिए लोक सेवा आयोग नियुक्त किए जाने में कोई बाधा नहीं है?
माननीय सेम्युअल होरः नहीं, हम इस प्रयोजनार्थ उपबंध कर सकते हैं।
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11,526. डॉ. भीमराव अम्बेडकरऽऽऽः क्या मैं यह स्पष्ट करने के लिए थोड़ा-सा हस्तक्षेप कर सकता हूं कि उस योजना का परिणाम क्या होगा? जिसके प्रति माननीय मालकोम हैली ने निर्देश किया है, अर्थात् सेवाओं में स्थानीय व्यक्तियों को न रखा जाए और उन्हें मंत्री के नियंत्रण के अधीन रखा जाए, विशेष रूप से इस तथ्य के कारण कि इस अंतरण के साथ-साथ उनका वेतनमान भी घटा दिया जाए? जब सेवा का प्रांतीयकरण हो जाएगा, तो मंत्री पहले की अपेक्षा कम वेतनमान प्राप्त करेंगे और परिणामस्वरूप इस कम वेतनमान के कारण यूरोप के अभ्यर्थी इसकी ओर आकृष्ट नहीं होंगे?
माननीय सेम्युअल होरः हां, अब ‘शाही’ शब्द के स्थान पर ‘प्रांतीय’ सेवाएं हो गया है।
डॉ. भीमराव अम्बेडकरः वेतन मुख्य बात है, जिससे अन्तर पड़ा है न कि अंतरण।
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11,669. डॉ. भीमराव अम्बडकरऽऽऽऽः मैं इस विषय के संबंध में कुछ सुझाव देना चाहता हूं? भारत मंत्री, एक नव आगन्तुक को सीधे अधिकार दिए जाने की बजाए क्या यह ठीक नहीं रहेगा कि आप अपने पास विवेकाधिकार रखें और इस विवेकाधिकार का प्रयोग सही मामले में ही किया जाए, जहां व्यक्ति इसलिए सेवानिवृत्त होना चाहता हो कि उसे नए परिवेश में नुकसान है और वह वास्तव में इस नियम से लाभान्वित होने का इच्छुक नहीं है।
माननीय सेम्युअल होरः हम इस प्रकार के सुझाव पर विचार कर सकते हैं। मेरे विचार से डॉ. अम्बेडकर का सुझाव नई भर्तियों के बारे में है?
ऽ मिनिट्स ऑफ एविडेंस, खंड 2-ख, 5 अक्तूबर 1933, पृ. 118-19