11. भारतीय संवैधानिक सुधार विषयक संयुक्त समिति के समक्ष लिया गया साक्ष्य - Page 339

322 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

माननीय सेम्युअल होरः मुख्य बात आपके समक्ष स्पष्ट कर दी गई है, वे संकल्प प्रस्तुत कर सकते हैं।

12,031. डॉ. भीमराव अम्बेडकरः अब मैं माननीय जयकर द्वारा ‘धर्म और धार्मिक प्रथाएं’ अभिव्यक्ति से संबंधित उठाए गए मुद्दे के संबंध में एक सुझाव देना चाहता हूं, क्योंकि यह एक ऐसा प्रश्न है, जिससे मेरा विशेष संबंध है। मेरा सुझाव है कि क्या ‘धर्म और धार्मिक प्रथाएं’ अभिव्यक्ति के बजाए ‘धार्मिक विश्वास’ (आर्टिकल्स ऑफ फेथ) अभिव्यक्ति का प्रयोग उपयुक्त नहीं रहेगा?

माननीय सेम्युअल होरः मेरे विचार में ‘धामिक विश्वास’ से भी वैसा ही झगड़ा रहेगा।

12,032. माननीय हरी सिंह गौड़ः और भी अधिक?

माननीय सेम्युअल होरः और इस प्रकार की नई अभिव्यक्ति रचने की भी समस्या होगी। पुरातन अभिव्यक्ति की अपेक्षा हमें इस नई अभिव्यक्ति पर अधिक सोचना पड़ेगा और गंभीरता से मनन करना पड़ेगा कि इसकी व्याख्या किस-किस रूप में की जाएगी।

12,033. डॉ. भीमराव अम्बेडकरः मेरा सुझाव है कि यथासंभव ‘प्रथा’ शब्द तो कम से कम निकाल ही दिया जाना चाहिए?

माननीय सेम्युअल होरः डॉ. अम्बेडकर ने जो कहा, उस पर मैं विचार करूंगा।

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12,751. लॉर्ड रैंकीलरऽः भारत मंत्री महोदय! क्या केंद्रीय सरकार के लिए संघीय विधान के अधीन प्रस्तावित आदेशों को लागू करना और प्रांत को इसके लिए उत्तरदायी ठहराना तथा खर्चा वसूल करना संभव होगा?

माननीय सेम्युअल होरः धन वसूल करने के लिए कोई तंत्र नहीं है।

12,752. माननीय लॉर्ड रैंकीलरः किंतु धन तो प्रांत केंद्रीय कोष के जरिए प्राप्त करते हैं। क्या यह बात नहीं है?

माननीय सेम्युअल होरः आयकर।

डॉ. भीमराव अम्बेडकरः मेरे विचार में इस प्रकार माननीय ऑस्टिन चैम्बरलेन के प्रश्न का उत्तर दिया जा सकता है। जहां तक समवर्ती विधान का संबंध है, श्वेत-पत्र के एक पैरा में उल्लिखित कि संघीय विधान-मंडल द्वारा समवर्ती सूची में दिए गए किसी विषय से संबंधित विधि प्रांतीय सरकार द्वारा इसी विषय से संबंधित पारित की गई विधि पर प्रमुखता पाएगी। परिणामस्वरूप, समवर्ती सूची के किसी विषय से संबंधित केंद्र और प्रांत द्वारा पारित विधि में विरोध होने पर श्वेत-पत्र के उपबंधों द्वारा ही तथ्यतः संघीय विधि प्रांतीय विधि पर हावी होगी।

माननीय ऑस्टिन चैम्बरलेनः बिलकुल सही है। यही बात मैं पहले भारत मंत्री के समक्ष प्रस्तुत कर चुका हूं।