11. भारतीय संवैधानिक सुधार विषयक संयुक्त समिति के समक्ष लिया गया साक्ष्य - Page 351

334 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

धन-राशि के अतिरिक्त भी धन-राशि लेनी होगी।

13,726. डॉ. भीमराव अम्बेडकरः जैसा कि आपने कल कहा था, इन सब क्षेत्रों में जहां अंशतः सभी अपवर्जित क्षेत्र होंगे, वहां का बजट सामान्य बजट होगा, जब तक कि गवर्नर अपने असाधारण उत्तरदायित्व के अधीन अतिरिक्त रकम की व्यवस्था न करे। उस दशा में संपूर्ण बजट विधान-मंडल के समक्ष रखा जाएगा और उस पर चर्चा की जा सकेगी। मेरी समझ में यह नहीं आता है कि यह कठिनाई कैसे दूर हो पाएगी?

माननीय सेम्युअल होरः हमने इसी प्रकार की एक कार्यवाही की स्थिति में फायदा समझा था, अर्थात् ठेके के माध्यम से, परन्तु इसमें कई वर्ष लग जाएंगे, मैं बार-बार के विचार-विमर्शों से बचना चाहता हूं।

13,727. डॉ. भीमराव अम्बेडकरः मैं मानता हूं कि यह प्रयोजन विचार-विमर्श प्रतिबद्ध करके और गवर्नर को उसे निषेध या अस्वीकार करने, जैसा भी वह आवश्यक समझें, की शक्ति देकर सर्वोत्तम ढंग से पूरा किया जा सकता है?

माननीय सेम्युअल होरः इन भू-भागों पर काम करने वाले लोगों ने हम पर इस बात पर बहुत जोर दिया था कि पूर्णतः अपवर्जित क्षेत्र की दशा में विचार-विमर्श को अपवर्जित करने में बड़ा फायदा है, लेकिन मुझे असम में प्रांतीय कोष में से खर्च की हमेशा कठिनाई महसूस हुई है। मेरे विचार में, समिति और प्रतिनिधि इस बात पर विचार करें कि मान लीजिए तीन वर्ष की अवधि के लिए ठेका बजट हो और जब ठेके का नवीकरण किया जाए, तब क्या उस पर चर्चा हो सकती है। किन्तु यह भी मैं इसलिए कह रहा हूं ताकि समिति संपूर्ण स्थिति को जान ले कि ऐसा करना अनेक विशेषज्ञों के विचारों के प्रतिकूल है।

13,728. डॉ. भीमराव अम्बेडकरः किंन्तु मैं मानता हूं कि विशेषज्ञों का जो प्रयोजन आपकी दृष्टि में है वह इस बात से भली-भांति पूरा हो जाएगा कि गवर्नर को संकल्प और विचार-विमर्श की इजाजत देने की शक्ति हो।

माननीय सेम्युअल होरः हम जिस बात से बचना चाहते थे, वह यह है कि गवर्नर को इस प्रकार के विचार-विमर्श से सर्वथा इंकार करना पड़ेगा। इससे उनकी विकट स्थिति हो जाएगी और हम पूर्णतः अपवर्जित क्षेत्र की स्थिति में यह नहीं सोचते कि विचार-विमर्श होगा और हम कोई कार्रवाई करना नहीं चाहते, जिससे विचार-विमर्श की इजाजत देना प्रतीत हो और जो हमारे विचार में उस क्षेत्र के लिए नुकसानदायक होंगे। स्थिति यही है।

डॉ. भीमराव अम्बेडकरः मैं केवल यह सुझाव दे रहा था कि गवर्नर की शक्ति उसके खिलाफ पर्याप्त संरक्षण होगी। मैं इतना ही पूछ रहा हूं।

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13,923. डॉ. भीमराव अम्बेडकरऽः क्या मैं इस मुद्दे पर एक सवाल पूछ सकता हूं। जैसा कि मैं समझता हूं, समवर्ती क्षेत्र में उच्च न्यायालय के निर्णयों के विरुद्ध अपील

ऽ मिनिट्स ऑफ एविडेंस, खंड 2-ख, 19 अक्तूबर 1933, पृ. 1247

ऽऽ वही, 20 अक्तूबर 1933, पृ. 1292