11. भारतीय संवैधानिक सुधार विषयक संयुक्त समिति के समक्ष लिया गया साक्ष्य - Page 354

भारतीय संवैधानिक सुधार समिति

माननीय सेम्युअल होरः भारत में कानूनी पेशे के लिए यह उत्तम काम होगा।

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15,741. डॉ. भीमराव अम्बेडकरऽः भारत मंत्री महोदय के (ग) में अपवादों के बारे में केवल एक प्रश्न ‘विशेष अधिकार’ (गवर्नर जनरल विशेष अधिकार) जो मैं समझा हूं स्थिति इस प्रकार है, साधारणतः विधान-मंडल विभेदकारी अधिनियम पारित नहीं कर सकता। मैं बिल्कुल साधारण तौर पर बोल रहा हूं।

माननीय सेम्युअल होरः हां।

15,742. डॉ. भीमराव अम्बेडकरः प्रशासनिक दृष्टि से विद्यमान सरकार तब तक विभेद नहीं कर सकती, जब तक कि वह गवर्नर समाधान न कर दे कि असल में कोई विभेद नहीं हुआ है?

माननीय सेम्युअल होरः नहीं।

माननीय एम.आर. जयकरः गवर्नर जनरल।

15,743. डॉ. भीमराव अम्बेडकरः गवर्नर जनरल या गवर्नर, क्योंकि परन्तुक में दोनों का उल्लेख है। सैद्धान्तिक रूप से और साधारण रूप से यही स्थिति है, क्या ऐसा नहीं है?

माननीय सेम्युअल होरः हां।

15,744. डॉ. भीमराव अम्बेडकरः अब उपखंड (ग) के अधीन गवर्नर जनरल को विभेद करने वाला अधिनियम पारित करने का अधिकार होगा, यदि वह इस प्रावधान के शब्दों के अंतर्गत आता है। मेरा अभिप्राय यह है कि जो अधिकार आप गवर्नर को दे रहे हैं वह न केवल प्रशासनिक प्रयोजन के लिए, बल्कि विधायी प्रयोजन के लिए भी है?

माननीय सेम्युअल होरः श्वेत-पत्र के प्रस्ताव 18 के अंतर्गत यह व्यापक अधिकार है।

15,745. डॉ. भीमराव अम्बेडकरः दोनों के बारे में, जिससे कि गवर्नर विभेद कर सके, हालांकि सरकार न कर सके।

माननीय सेम्युअल होरः शांति और सौहार्द के किसी गंभीर खतरे को रोकने के लिए।

15,746. डॉ. भीमराव अम्बेडकरः हां। अब मैं यह पूछना चाहता हूं कि इसका तात्पर्य क्या है? मैं यह देखने के लिए एक या दो विनिर्दिष्ट दृष्टांत रखूंगा कि क्या यही आपका अभिप्राय है। मैं यह मान लेता हूं कि इस खंड के अधीन गवर्नर जनरल किसी भी गंभीर खतरे के निवारण के रूप में कह सकेगा कि सेना में कुछ व्यक्तियों को नौकरी नहीं दी जाएगी। क्या गवर्नर इसके अधीन ऐसा कर सकेगा?

माननीय सेम्युअल होरः मैं मानता हूं कि सिद्धान्ततः ऐसा होगा, किन्तु शांति और सौहार्दता को गंभीर खतरे के संबंध में वह बहुत दूर की बात होगी। उदाहरण के लिए, उस ठोस मामले को रखते हुए मैं यह कल्पना नहीं कर सकता, जो संभवतः डॉ. अम्बेडकर