उप-समिति संख्या 2
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प्रेरित होकर बनाई, किंतु यह धारा अपने वर्तमान रूप में उत्तरदायी सरकार को विकृत कर रही है। इस धारा के चलते उत्तरदायी सरकार सुविधा की बात हो गई है, गवर्नर को अनुकूल लगने पर ही उसे स्वीकार किया जाता है, जबकि वास्तव में हम यह चाहते हैं कि उत्तरदायी सरकार के सिद्धांत को अनिवार्य किया जाए। उत्तरदायी सरकार से तात्पर्य यह है कि गवर्नर किसी भी क्षेत्र में जो भी कार्य करे, उेस ऐसी मंत्री परिषद् का समर्थन प्राप्त होना चाहिए, जिसे सदन का विश्वास प्राप्त हो इस मूलभूत बात की हम उपेक्षा नहीं कर सकते। किंतु इसका यह अर्थ नहीं है कि गवर्नर को अपनी मंत्री परिषद् की सलाह हमेशा माननी चाहिए। उसकी सलाह न मानने की बजाए गवर्नर उसे बर्खास्त कर सकता है। यदि गवर्नर उसकी सलाह नहीं मानता, तो वह अपनी ओर से कोई कार्य नहीं कर सकता, बल्कि उसे ऐसे मंत्रियों की तलाश करनी होगी, जो उसके कार्यों का समर्थन करें। इसका तात्पर्य यह है कि गवर्नर जब भी कोई कार्य करता है, वह उसके मंत्रियों की राय के अनुकूल हो, जिन्हें सदन का विश्वास प्राप्त होता है। मेरा निवेदन है कि धारा 52 में परिवर्तन कर इसे इस तरह से स्पष्ट किया जाए कि जब तक कुछ विशिष्ट मामलों में, जिनका उल्लेख मैं थोड़ी देर में करूंगा, कानून के अंतर्गत कोई विशिष्ट प्रावधान नहीं किया जाता, तब तक गवर्नर को मंत्रियों की सलाह के अनुसार कार्य करना होगा।
महोदय! मैं यह बात सहज ही मानने के लिए तैयार हूं कि कुछ मामलों में गवर्नर को अभिभावी शक्तियां देना जरूरी हैं। ऐसे में वह अपने मंत्रियों की सलाह मानने के लिए बाध्य नहीं होंगे और स्वतंत्र रूप से कार्य कर सकेंगे। ऐसे मामलों का उल्लेख साइमन कमीशन के प्रतिवेदन के खंड 2 के पृष्ठ 36 पर पैरा 50 में किया गया है। पहला, गवर्नर को प्रांत में सुरक्षा और शांति बनाए रखने के लिए अभिभावी शक्तियां दी जाएं। दूसरा, उसे कुछ संप्रदायों की तुलना में एक अथवा अधिक संप्रदाय के विरुद्ध घोर पूर्वाग्रह को रोकने के लिए अभिभावी शक्तियां प्रदान की जाएं_ अंत में इसमें कतिपय ऐसे मामलों का भी उल्लेख है, जहां समस्त कार्यपालिका के उत्तरदायित्व के अतिरिक्त गवर्नर का विशिष्ट उत्तरदायित्व होता है। ऐसे मामलों में गवर्नर को अभिभावी शक्तियां दी जानी चाहिएं।
इस संबंध में मेरा निवेदन है कि यदि प्रांत में शांति, सुरक्षा और अमन चैन बनाए रखने के लिए आप गवर्नर को उसके मंत्रियों के ऊपर अभिभावी शक्ति प्रदान करते हैं, तो आप प्रांत में उत्तरदायी सरकार की शक्तियों का काफी भाग छीन लेते हैं। हम यह प्रयास कर रहे हैं कि गवर्नर प्रांतों में, यहां तक कि शांति, सुरक्षा और अमन-चैन बनाए रखने के मामले में अपने मंत्रियों की सलाह पर शासन चलाए और यदि आप गवर्नर को यह शक्ति देते हैं तो आप उत्तरदायी सरकार की शक्तियों को काफी सीमा तक रद्द कर रहे हैं। मैं गवर्नर को इस प्रकार की अभिभावी शक्तियों देने का पक्षधर नहीं हूं। अतः इस संबंध में कोई रास्ता निकाला जाना चाहिए।
जहां तक कुछ संप्रदायों की तुलना में किसी एक वर्ग के विरुद्ध पूर्वाग्रह संबंधी