4. उप-समिति संख्या 3 (अल्पसंख्यक) - Page 62

उप-समिति संख्या 3

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माननीय ए.पी. पात्रेः क्या दलित वर्ग हिंदू नहीं हैं? क्या आप दलितों को हिंदुओं से अलग कर देंगे? दलित वर्गों में ऐसे भी दलित हैं, जो हिंदुओं से अलग किए जाने के सुझाव पर विद्रोह कर देंगे। दक्षिण भारत में यदि डॉ. अम्बेडकर दलितों से जाकर कहें कि वे हिंदू नहीं हैं, तो देखें क्या होता है।

डॉ. अम्बेडकरः हम यहां उस पर बहस नहीं कर रहे हैं।

माननीय ए.पी. पात्रेः इसलिए मैं कह रहा हूं कि प्रतिनिधित्व की बात करते समय यथार्थ और अनुभवों को नजरअंदाज न किया जाए।

अध्यक्षः ‘हिंदू, मुसलमान व अन्य’, ये शब्द महज उदाहरण के लिए थे। रिपोर्ट में ये शब्द नहीं आएंगे।

माननीय मोहम्मद शफीः मैं भी यही कहने वाला था।

अध्यक्षः एक मिनट, ‘महत्वपूर्ण’ शब्द को रखना चाहिए, यानी ‘प्रांतीय कार्यपालिकाओं में महत्त्वपूर्ण अल्पसंख्यक वर्गों का प्रतिनिधित्व’।

सदस्यः ठीक है।

अध्यक्षः ‘हिंदू, मुसलमान और सिख’ शब्दों को निकाल दिया जाए। इनके लिखने का कोई मतलब नहीं है।

डॉ. अम्बेडकरः जहां यह लिखा हुआ है कि ‘यह भी तय किया गया था कि उसी आधार पर मुसलमानों को भी संघीय कार्यपालिका में प्रतिनिधित्व दिया जाए’, इसमें से मुसलमान शब्द निकालकर ‘महत्वपूर्ण अल्पसंख्यक वर्ग’ मिला दिए जाएं।

अध्यक्षः हां, ठीक है।

डॉ. अम्बेडकरः संघीय कार्यपालिका में भी उन्हें प्रतिनिधित्व दिया जाए।

अध्यक्षः ‘महत्त्वपूर्ण अल्पसंख्यक वर्गों को संघीय कार्यपालिका में प्रतिनिधित्व दिया जाए। अन्य छोटे अल्पसंख्यक वर्गों की ओर से भी मांग की गई है कि उन्हें भी प्रांतीय और संघीय कार्यपालिकाओं में प्रतिनिधित्व दिया जाए और यदि यह संभव न हो, तो प्रत्येक मंत्रिमंडल में एक ऐसा मंत्री नियुक्त किया जाए, जिसके जिम्मे इस वर्ग के हितों की सुरक्षा का दायित्व हो।’ मैं समझता हूं कि जो कुछ भी कहा गया है, वह सारी बातें इसमें आ गई हैं।

लॉर्ड रीडिंगः बिल्कुल ठीक।

अध्यक्षः आधिकारिक रूप से।

* * * *

अध्यक्षऽः सारी बात को स्पष्ट ढंग से रखने के लिए ‘मुसलमान’ शब्द का प्रयोग उचित ही है।

ऽ प्रोसीडिंग्स ऑफ दि सब-कमेटी नं. 3 (माइनॉरिटीज), पृ. 144-46